×

भारत में खामेनेई की मृत्यु पर शोक का माहौल

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद भारत में शोक का माहौल है। विपक्ष के नेताओं ने इस पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि भारत ने एक विश्वसनीय मित्र खो दिया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर चिंता जताई है। जानें इस घटना का भारत-ईरान संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
 

खामेनेई की मृत्यु पर शोक


खामेनेई की मृत्यु पर शोक: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में शोक का माहौल है। अमेरिका और इजरायल के हमले में उनकी जान गई। खामेनेई के पूर्वज भारतीय थे और उन्हें शिया समुदाय का प्रमुख नेता माना जाता था। इस घटना पर विपक्ष के कई नेताओं ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि भारत ने एक विश्वसनीय मित्र खो दिया है।


संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'जिनके पूर्वज भारत से हैं, वे अयातुल्ला खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर बने, उनका जाना एक युग का अंत है। भारत ने एक भरोसेमंद दोस्त खोया है। खामेनेई जी को श्रद्धांजलि। ईरान हमेशा भारत का पारंपरिक मित्र रहा है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा भारत का समर्थन किया। भारत को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान की। इस संकट के समय में भारत सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए, अन्यथा अमेरिका की तानाशाही का दायरा बढ़ता जाएगा।'




जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर कहा, 'मुख्यमंत्री ने ईरान में हो रही घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसमें खामेनेई की हत्या की खबरें भी शामिल हैं। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और तनाव से बचने की अपील की है। जम्मू और कश्मीर सरकार, ईरान में निवासियों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।'