भारत में चुनावों पर सट्टेबाजी: अमेरिका का पॉलीमार्केट प्लेटफॉर्म
भारत में सट्टेबाजी की स्थिति
भारत में सट्टेबाजी पर प्रतिबंध है, जबकि अमेरिका समेत कई अन्य देशों में इसे कानूनी मान्यता प्राप्त है। वहां क्रिकेट से लेकर राजनीति तक हर विषय पर सट्टा लगाया जा सकता है। वर्तमान में भारत के पांच राज्यों में हो रहे चुनावों पर एक प्लेटफॉर्म पर लगभग ढाई सौ करोड़ रुपए का सट्टा लगा हुआ है। अमेरिका के प्रेडिक्शन मार्केट में एक प्लेटफॉर्म है जिसे पॉलीमार्केट कहा जाता है, जो राजनीति से संबंधित सट्टेबाजी के लिए प्रसिद्ध है। इस प्लेटफॉर्म पर 26 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 247 करोड़ रुपए का सट्टा लगा है। सही अनुमान लगाने वाले को यह राशि प्राप्त होगी।
राज्यों के चुनाव परिणामों पर सट्टा
इसमें से 90 प्रतिशत से अधिक, यानी लगभग 20 मिलियन डॉलर, तमिलनाडु के चुनाव परिणामों पर सट्टा लगाया गया है। इसके बाद पश्चिम बंगाल के नतीजों पर 5 मिलियन डॉलर, यानी करीब 47 करोड़ रुपए का सट्टा लगा है। अमेरिका के इस प्लेटफॉर्म पर पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का अनुमान है। सट्टे के अनुसार, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की जीत पर 53 प्रतिशत सट्टा लगा है, जो दर्शाता है कि अधिकतर लोग ममता की पार्टी के जीतने की संभावना देख रहे हैं।
अन्य राज्यों में सट्टेबाजी के आंकड़े
तमिलनाडु में 88 प्रतिशत लोग मानते हैं कि एमके स्टालिन की डीएमके जीत हासिल करेगी। केरल में सट्टा लगाने वालों में 75 प्रतिशत का मानना है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला एलडीएफ जीत जाएगा। असम में 98 प्रतिशत लोगों ने भाजपा की जीत पर सट्टा लगाया है। पुडुचेरी में भी रंगास्वामी के नेतृत्व में एनडीए की जीत पर लगभग 90 प्रतिशत दांव लगाया गया है। भारत में एक्जिट पोल करने वाले भी बंगाल को छोड़कर अन्य चार राज्यों के लिए इसी तरह के अनुमान व्यक्त कर रहे हैं।