भारत में जेल सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं: NCRB रिपोर्ट 2024
NCRB की रिपोर्ट से उभरे सवाल
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी की गई 'प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया 2024' रिपोर्ट ने देश की जेल सुरक्षा और पुलिस की तत्परता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। रिपोर्ट के आंकड़ों का गहन विश्लेषण यह दर्शाता है कि विभिन्न राज्यों में हिरासत से भागने वाले अपराधियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। 2024 में भारत भर में कुल 178 कैदी फरार हुए, जिनमें से पुलिस केवल 85 को ही पुनः गिरफ्तार कर सकी है। इस प्रकार, राष्ट्रीय स्तर पर रिकवरी दर केवल 47.75 प्रतिशत रही है।
छत्तीसगढ़ का खराब प्रदर्शन
इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा चूक और कमजोर ट्रैकिंग के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन किया है। यह राज्य अब देश में फरार कैदियों का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है, जहां 2024 में 19 कैदी सुरक्षा घेरा तोड़कर भाग निकले। यह बेहद चिंताजनक है कि राज्य की पुलिस केवल 2 फरार अपराधियों को ही पकड़ने में सफल रही, जिससे रिकवरी दर महज 10.53 प्रतिशत रह गई। इस स्थिति ने छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और अपराधियों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैदियों के भागने के तरीके
NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 178 फरार कैदियों में से 39 कैदी जेल के अंदर से भागे, जबकि 74 आरोपी कोर्ट पेशी, अस्पताल या ट्रांजिट के दौरान फरार हुए। इसके अलावा, 65 आरोपी पुलिस कस्टडी से भाग निकले।
राज्यों में फरार कैदियों की संख्या
रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 19 कैदी फरार हुए, इसके बाद पश्चिम बंगाल में 17 और बिहार में 16 फरारी की घटनाएं दर्ज की गईं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 14-14 कैदी फरार हुए, जबकि उत्तर प्रदेश में यह संख्या 11 रही। राजस्थान और ओडिशा में 10-10 फरारी के मामले सामने आए।
जीरो फरार कैदी वाले राज्य
अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड और सिक्किम ऐसे राज्य हैं जहां 2024 में हिरासत से भागने का एक भी मामला नहीं हुआ। इसके अलावा, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, अंडमान और निकोबार, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी इस तरह की कोई घटना नहीं हुई।