भारत में ट्रंप और अमेरिका के प्रति विश्वास में गिरावट, पुतिन पर सबसे अधिक भरोसा
भारत में अमेरिका के प्रति बदलते नजरिए
न्यूयॉर्क: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ अमेरिका और भारत के संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। ट्रंप की टिप्पणियों और नीतियों को इस बदलाव का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में भारत में अमेरिका के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण में कमी आई है।
प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए इस साल के सर्वे में यह सामने आया है कि 45 प्रतिशत भारतीयों ने अमेरिका के प्रति सकारात्मक राय व्यक्त की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 54 प्रतिशत कम है।
हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 31 प्रतिशत भारतीयों ने अमेरिका के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रखा। ट्रंप की टैरिफ नीति को केवल 18 प्रतिशत भारतीयों ने सराहा।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ नियमों पर रोक लगा दी थी, जिससे भारत पर 50 प्रतिशत तक का प्रभाव पड़ा।
वैश्विक मामलों में ट्रंप के निर्णयों पर भारतीयों का भरोसा पिछले वर्ष के 52 प्रतिशत से घटकर 39 प्रतिशत रह गया है। सर्वे में 36 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि वे इस साल ट्रंप के वैश्विक मुद्दों पर निर्णयों पर भरोसा नहीं करते।
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भारतीयों का भरोसा सबसे अधिक है, जहां 51 प्रतिशत ने उन पर विश्वास व्यक्त किया।
सर्वे में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर 34 प्रतिशत, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर 33 प्रतिशत, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर 20 प्रतिशत और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर 25 प्रतिशत भारतीयों ने भरोसा जताया।
47 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि अमेरिका अन्य देशों के मामलों में अत्यधिक दखल देता है, जबकि 30 प्रतिशत ने इससे असहमत व्यक्त किया।
हालांकि भारत में ट्रंप और अमेरिका के प्रति सकारात्मक राय में गिरावट आई है, फिर भी यह सर्वेक्षण 36 देशों के औसत से बेहतर रहा। भारत उन देशों में शामिल है जहां अमेरिका के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण है, विशेषकर चीन की तुलना में।
प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अमेरिका के प्रति लोगों की राय पहले की तुलना में अधिक नकारात्मक हो गई है। 8 फरवरी से 13 मई के बीच किए गए इस सर्वे में शामिल 36 देशों में औसतन 57 प्रतिशत वयस्कों ने अमेरिका के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
अमेरिका के प्रति सकारात्मक सोच पिछले वर्ष के 49 प्रतिशत से घटकर 37 प्रतिशत रह गई, जिसमें केवल 24 देश शामिल थे।
सर्वे में शामिल अन्य मुद्दों पर, भारतीयों में ट्रंप की नीतियों के लिए अप्रूवल रेट 32 प्रतिशत था, जबकि इमिग्रेशन के लिए यह 17 प्रतिशत, ईरान के लिए 28 प्रतिशत, यूक्रेन के लिए 26 प्रतिशत, गाजा के लिए 18 प्रतिशत और ग्रीनलैंड के लिए 23 प्रतिशत रहा।
54 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि अमेरिकी सरकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करती है। पाकिस्तान में सर्वे में शामिल 82 प्रतिशत लोगों की अमेरिका के प्रति नकारात्मक राय थी, जो कि सबसे अधिक है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान को प्राथमिकता दी है, फिर भी ट्रंप के प्रति इस सर्वे का परिणाम अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंचा।
पाकिस्तान में 81 प्रतिशत लोगों की अमेरिका के प्रति राय नकारात्मक रही, जबकि 76 प्रतिशत का मानना है कि अमेरिका अन्य देशों के मामलों में बहुत अधिक दखल देता है।
सर्वे में शामिल देशों में चीन को पाकिस्तान में सबसे अधिक सकारात्मक रेटिंग मिली, जहां 90 प्रतिशत पाकिस्तानियों ने चीन के प्रति अनुकूल राय व्यक्त की।
सर्वे में शामिल देशों में चीन के प्रति सकारात्मक सोच रखने वालों का अनुपात पिछले वर्ष के 38 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 46 प्रतिशत हो गया, जबकि अमेरिका के लिए यह 48 से घटकर 36 प्रतिशत हो गया है।
भारत में चीन के प्रति सकारात्मक राय पिछले वर्ष के 21 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 23 प्रतिशत हो गई है।