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भारत में डेंगू वैक्सीन QDENGA को मिली मंजूरी, नई उम्मीदें जगीं

भारत में डेंगू के मामलों में वृद्धि के बीच, टाकेडा फार्मास्युटिकल की QDENGA वैक्सीन को भारतीय दवा नियामक से मंजूरी मिल गई है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है और इसे बिना पूर्व जांच के लगाया जा सकता है। बायोलॉजिकल-ई के साथ साझेदारी में इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। जानें इस वैक्सीन के महत्व और इसके प्रभावशीलता के बारे में।
 

डेंगू के खिलाफ नई वैक्सीन की स्वीकृति


नई दिल्ली। हर साल मानसून के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच अस्पतालों में डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी जाती है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2024 में डेंगू के 32,000 से अधिक मामले सामने आए, जबकि 2023 में यह संख्या 18,391 थी, जैसा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में बताया।


डेंगू गंभीर स्थितियों में आंतरिक रक्तस्राव का कारण बन सकता है, जो जानलेवा हो सकता है। इसी संदर्भ में, भारत में डेंगू से संबंधित एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। जापान की दवा कंपनी टाकेडा फार्मास्युटिकल की डेंगू वैक्सीन QDENGA को भारतीय दवा नियामक से मंजूरी मिल गई है। यह भारत में स्वीकृत होने वाली पहली डेंगू वैक्सीन है, जिससे डेंगू की रोकथाम में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है।


QDENGA वैक्सीन की विशेषताएँ

रिपोर्टों के अनुसार, इस वैक्सीन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है। इसके लिए यह आवश्यक नहीं है कि वैक्सीन लगवाने से पहले यह जांच की जाए कि व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ था या नहीं।


यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब पिछले 20 वर्षों में भारत में डेंगू के मामलों में कई गुना वृद्धि हुई है। हर साल हजारों लोग इस बीमारी का शिकार होते हैं और कई को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। विशेषज्ञ लंबे समय से प्रभावी वैक्सीन की आवश्यकता पर जोर दे रहे थे। टाकेडा ने भारत की कंपनी बायोलॉजिकल-ई के साथ मिलकर इस वैक्सीन के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी है।


क्यूडेंगा वैक्सीन का महत्व

कंपनी के अनुसार, QDENGA एक टेट्रावैलेंट लाइव-अटेन्यूएटेड वैक्सीन है, जिसका अर्थ है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें वायरस का कमजोर रूप इस्तेमाल किया जाता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता वायरस को पहचानना और उससे लड़ना सीख सके।


कंपनी का कहना है कि भारत में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह मंजूरी महत्वपूर्ण समय पर मिली है। पिछले दो दशकों में डेंगू के मामलों में लगभग 11 गुना वृद्धि हुई है।


उत्पादन की योजना

टाकेडा ने 2024 में बायोलॉजिकल-ई के साथ साझेदारी की थी, जिसके तहत बायोलॉजिकल-ई हर साल लगभग 5 करोड़ डोज तैयार करने की क्षमता विकसित करेगी। इससे टाकेडा को दशक के अंत तक हर साल 10 करोड़ डोज बनाने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।


डेंगू से सुरक्षा में प्रभावशीलता

डेंगू एक मच्छरों से फैलने वाला वायरल संक्रमण है, जो कई देशों के लिए एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। कंपनी के अनुसार, दुनिया में होने वाले कुल डेंगू मामलों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा भारत में दर्ज होता है। टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स के प्रमुख महेंद्र नायक ने कहा कि QDENGA को 2022 में लॉन्च होने के बाद से अब तक 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और इसकी 3.2 करोड़ डोज वितरित की जा चुकी हैं। अध्ययन बताते हैं कि यह वैक्सीन डेंगू से लंबे समय तक सुरक्षा देने में प्रभावी है और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को भी कम करती है।