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भारत में ड्रग्स तस्करी के लिए ड्रोन का बढ़ता उपयोग

भारत में ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। 2021 में केवल 3 मामलों से बढ़कर 2025 में 305 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने के लिए नई रणनीति की घोषणा की है, जिसमें तस्करों के बड़े नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जानें इस नई नीति के तहत क्या कदम उठाए जा रहे हैं और ड्रोन के खिलाफ सुरक्षा उपायों के बारे में।
 

ड्रग्स तस्करी में ड्रोन का नया तरीका

भारत में सीमा पार से ड्रग्स की तस्करी के लिए तस्करों ने अपने तरीकों में बदलाव किया है। अब ड्रोन का उपयोग भी किया जाने लगा है। आंकड़ों के अनुसार, 2021 में ड्रोन से जुड़े केवल 3 मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 305 हो गई। यह दर्शाता है कि तस्करी करने वाले नेटवर्क कितने उन्नत हो गए हैं और वे पारंपरिक सीमा सुरक्षा को चकमा देने के लिए अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) का सहारा ले रहे हैं। 2025 में 305 मामलों में से 298 मामले पंजाब से थे, जिसमें लगभग 461 किलो ड्रग्स जब्त की गई।


केंद्रीय गृह मंत्री की पहल

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री ने 22 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रमुखों के सम्मेलन में ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया। सरकार की नई 2026-29 रणनीति में केवल ड्रग्स की जब्ती पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि इसके स्रोत, सप्लाई रूट, वित्तीय नेटवर्क, तस्करों और पूरे कार्टेल को समाप्त करने पर भी जोर दिया जाएगा।


सरकार की नई रणनीति

सरकार की नई रणनीति का उद्देश्य ड्रग्स के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए चार मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा: खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई, नई प्रकार की ड्रग्स पर रोकथाम, नशा छुड़वाने में सहायता, और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय। इस नीति का नाम 'पहचानो, तोड़ो, खत्म करो' रखा गया है, जिसका मतलब है कि अब केवल छोटे तस्करों पर नहीं, बल्कि बड़े गैंग और सरगनाओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।


ड्रोन के खिलाफ सुरक्षा उपाय

भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन की गतिविधियों की निगरानी के लिए BSF द्वारा लगातार निगरानी, सीमा पर फेंसिंग, नाके और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पंजाब में एंटी-ड्रोन सिस्टम को मजबूत करने की प्रक्रिया भी जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में भी पंजाब सीमा पर ड्रोन से जुड़े मामले सामने आए हैं।


ड्रोन से जुड़े हालिया मामले

जुलाई 2026 में DRI ने अमृतसर सेक्टर में ड्रोन से गिराए गए दो पैकेट बरामद किए, जिनमें पाकिस्तान निर्मित पिस्तौल मिली थीं। यह दर्शाता है कि सीमा पार नेटवर्क में ड्रोन का उपयोग केवल ड्रग्स तक सीमित नहीं है। हाल ही में अमृतसर के घरिंडा थाना पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप लाने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 5 पिस्टल, मैगजीन और 35 कारतूस के साथ 2 ड्रोन बरामद किए।