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भारत में ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में प्रस्तावित बदलाव

भारत सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों के तहत नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, उम्र और पते के प्रमाण के लिए शपथ-पत्र की आवश्यकता को समाप्त करने का सुझाव दिया गया है। लाइसेंस पर धारक का रक्त समूह और आपातकालीन संपर्क नंबर भी अनिवार्य होगा। जानें और क्या बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं और इनका क्या प्रभाव पड़ेगा।
 

ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम

ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में बदलाव: भारत सरकार ने अपने नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, उम्र और पते के प्रमाण के लिए एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने दिए जाने वाले शपथ-पत्र (एफिडेविट) की आवश्यकता को समाप्त करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक का रक्त समूह, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया जाएगा। ये सुझाव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा 'केंद्रीय मोटर वाहन नियमों' में संशोधन के मसौदे में दिए गए हैं।


रिपोर्टों के अनुसार, मंत्रालय ने कहा है कि 'लाइसेंसिंग अथॉरिटी' द्वारा जारी या नवीनीकरण किए गए सभी ड्राइविंग लाइसेंस 'फॉर्म 7' के तहत एक लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में होंगे। इस फॉर्मेट में भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग प्रारूप होंगे। मंत्रालय ने दुरुपयोग को रोकने के लिए उम्र और पते के प्रमाण के तौर पर शपथ-पत्र (एफिडेविट) और जीवन बीमा पॉलिसियों को स्वीकार करने का भी प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के लिए पासिंग मार्क्स को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में ये बदलाव असेसमेंट की शर्तों को सख्त बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने यह भी प्रस्तावित किया है कि सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होना चाहिए। लाइसेंसिंग अधिकारियों को ड्राइविंग लाइसेंस के विवरण में बदलाव के आवेदनों को 15 दिनों के भीतर मंजूर या अस्वीकृत करना होगा, और अस्वीकृति के कारण भी बताना होगा। इसके अलावा, आवेदक के नाम और पते में बदलाव के लिए शुल्क को हटाने का भी प्रस्ताव है।


इस मसौदे में उन दस्तावेजों की सूची भी शामिल है, जिनका उपयोग आवेदक अपनी पहचान, उम्र और निवास के प्रमाण के रूप में कर सकते हैं। इसमें आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं। प्रस्ताव के अनुसार, लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा जारी या नवीनीकरण किए जाने वाले प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस, 'फॉर्म 7' में एक लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में होगा। इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में संबंधित पक्षों से इसके प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।