भारत में दो पाकिस्तानी ब्यूटी क्रीमों पर लगा प्रतिबंध, स्वास्थ्य को खतरा
खतरनाक ब्यूटी प्रोडक्ट्स का उपयोग न करें
नई दिल्ली: खूबसूरत और गोरे रंग की चाहत में बिना जांचे-परखे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना जानलेवा हो सकता है। भारत की प्रमुख दवा नियामक संस्था सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने पाकिस्तान से संबंधित दो लोकप्रिय कॉस्मेटिक क्रीमों के खिलाफ चेतावनी जारी की है। इन क्रीमों, ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ और ‘चांदनी वाइटनिंग क्रीम’, को मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत असुरक्षित बताया गया है और आम जनता को इनसे दूर रहने की सलाह दी गई है।
बिना अनुमति बाजार में आईं, जहरीले तत्व पाए गए
सीडीएससीओ द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, इन दोनों क्रीमों का भारत में आयात या बिक्री के लिए कोई वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है। ये उत्पाद अवैध रूप से देश में बेचे जा रहे थे। सरकारी लैब जांच में इन क्रीमों में ‘हेवी मेटल्स’ की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये जहरीले रसायन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और शरीर के अन्य अंगों, जैसे किडनी और लिवर, को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर फर्जी लेबलिंग
सरकारी प्रतिबंध के बावजूद, ये खतरनाक उत्पाद अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और टाटा 1mg जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर उपलब्ध थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ऑनलाइन विक्रेताओं ने इन क्रीमों को ‘मेड इन इंडिया’ बताकर लिस्ट किया था। एक विक्रेता ने खुद को ‘नेहा ऑर्गेनिक’ के नाम से पंजीकृत कर इसे भारतीय उत्पाद के रूप में बेचा। हालांकि, जैसे ही मामला सामने आया, अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो ने इन उत्पादों को अपने प्लेटफार्म से हटा दिया है।
भारत में घुसपैठ का तरीका
भारत द्वारा पाकिस्तान से सीधे आयात पर प्रतिबंध के बावजूद ये उत्पाद भारतीय बाजार में कैसे पहुंचे, यह एक बड़ा सवाल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तानी कंपनियां सीधे भारत में माल भेजने के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और नेपाल जैसे देशों का सहारा ले रही हैं। इन उत्पादों की री-पैकेजिंग कर उन्हें भारत में अवैध तरीके से पहुंचाया जा रहा है।
सरकार की सख्त चेतावनी
सीडीएससीओ ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न करें और इन क्रीमों को न खरीदें। यदि किसी ने इन्हें पहले से खरीदा है, तो उनका उपयोग तुरंत बंद कर दें। इसके साथ ही, ड्रग रेगुलेटर ने सभी राज्य इकाइयों को बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर सख्त निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।