भारत में प्लास्टिक कचरे से सस्ता ईंधन बनाने की क्रांति
पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर लगेगा ब्रेक
वडोदरा: भारत ने पेट्रोलियम उत्पादों के आयात के बोझ को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वैज्ञानिकों ने मिक्स्ड प्लास्टिक कचरे से एक ऐसा ईंधन विकसित किया है, जो न केवल सस्ता है, बल्कि इसका माइलेज भी सामान्य तेल के बराबर है। इस नई खोज से आम जनता को सस्ता ईंधन मिलेगा और साथ ही प्लास्टिक कचरे की समस्या का स्थायी समाधान भी होगा।
जीएसवी के वैज्ञानिकों की उपलब्धि
गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक कचरे को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदलने का अद्भुत कार्य किया है। यह कोई थ्योरी नहीं है, बल्कि इस नए पेट्रोल का सफल परीक्षण भी किया गया है। भारत की एक प्रमुख दोपहिया निर्माता कंपनी की तीन मोटरसाइकिलों को इस विशेष 'पेस्ट्रो पेट्रोल' से चलाया गया, जिसमें इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया।
उत्कृष्ट माइलेज और प्रदूषण मानकों की पूर्ति
इस नए पेट्रोल की सबसे बड़ी विशेषता इसका शानदार माइलेज है। परीक्षण के दौरान, 100 सीसी की एक बाइक, जो सामान्य पेट्रोल पर 62 किलोमीटर का माइलेज देती थी, ने प्लास्टिक से बने एक लीटर पेट्रोल में 60 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके अलावा, इस पेट्रोल से चलने वाली मोटरसाइकिलों ने प्रदूषण नियंत्रण मानकों को भी पार कर लिया और 'पलूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट प्राप्त किया।
कचरे से ईंधन उत्पादन की लागत
वैज्ञानिकों का दावा है कि 100 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से लगभग 50 किलोग्राम ईंधन प्राप्त किया जा सकता है। इस तकनीक से कच्चा तेल मात्र 24 रुपये प्रति लीटर की लागत पर उत्पादित किया जा सकता है, और इसे पेट्रोल के रूप में अपग्रेड करने के बाद इसकी कीमत केवल 32 रुपये प्रति लीटर होगी। यह तेल 90 प्रतिशत तक सामान्य पेट्रोल-डीजल के समान कार्य करता है।
एविएशन क्षेत्र में संभावनाएं
पेस्ट्रो पेट्रोल की संभावनाओं को देखते हुए, एयरबस ने जीएसवी के साथ सहयोग किया है। दोनों मिलकर प्लास्टिक कचरे से विमान उड़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता का ईंधन विकसित करने पर काम कर रहे हैं। यह तकनीक सबसे पहले उन दुर्गम क्षेत्रों में लागू की जा सकती है, जहां प्लास्टिक कचरा एक बड़ी समस्या है और ईंधन की उपलब्धता कठिन है। सरकार के कई मंत्रालयों में लेह, लद्दाख, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के प्लांट लगाने पर विचार किया जा रहा है।