भारत में फ्लाइंग बसों का आगाज, परिवहन में नई क्रांति
नितिन गडकरी की नई परिवहन योजना
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में आधुनिक परिवहन प्रणाली को विकसित करने के लिए एक नई योजना का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय शहरों में 'फ्लाइंग बस' शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, जो इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा होगी। उनका मानना है कि इससे बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आएगी।
फ्लाइंग बस का शहरों पर प्रभाव
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई परिवहन तकनीकों पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 'फ्लाइंग बस' जैसी सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध होंगी। गडकरी ने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में सी-प्लेन की शुरुआत की गई थी, जो पानी पर उतरने में सक्षम है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक आधारित मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम लोगों को शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक बहुत कम समय में पहुंचाने में मदद करेगा।
ई20 पेट्रोल पर उठे सवालों का स्पष्टीकरण
कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने ई20, यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उठे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि किसी वाहन को ई20 पेट्रोल से नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, इस तरह की चिंताएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन के बारे में कई भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, जबकि इसका मुख्य उद्देश्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण की रक्षा करना है।
वैकल्पिक ईंधन पर सरकार का ध्यान
गडकरी ने कहा कि भारत हर साल ईंधन आयात पर बड़ी राशि खर्च करता है, इसलिए स्वदेशी और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार एथेनॉल के साथ-साथ हाइड्रोजन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को भी प्रोत्साहित कर रही है। गडकरी ने कहा कि वे स्वयं विभिन्न वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों का उपयोग करते हैं और लोगों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि भविष्य का परिवहन पूरी तरह से स्वच्छ, तेज और ऊर्जा दक्ष होगा।