भारत में बाढ़ और बारिश से जनजीवन प्रभावित, असम में स्थिति गंभीर
भारी बारिश से प्रभावित जनजीवन
देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। असम में स्थिति सबसे अधिक गंभीर है, जहां बाढ़ ने लाखों लोगों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। पिछले कुछ दिनों से असम में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
असम में बाढ़ का संकट
असम में बाढ़ का संकट अभी भी जारी है। राज्य में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक 66 लोगों की जान जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, और सैकड़ों गांव अब भी जलमग्न हैं। कई परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर कई क्षेत्रों में ऊंचा बना हुआ है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। राहत और बचाव कार्य लगातार चल रहे हैं।
प्रधानमंत्री की स्थिति की जानकारी
असम में बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बातचीत की और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार भी प्रभावित जिलों में राहत सामग्री पहुंचाने और विस्थापित लोगों की मदद में जुटी हुई है।
गुजरात में भी बाढ़ का संकट
असम के अलावा, गुजरात में भी भारी बारिश के कारण तबाही जारी है। राहत कार्यों के लिए सेना ने मोर्चा संभाला है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक मॉनसून की घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 29 मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। पिछले तीन दिनों से सेना के जवान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का असर
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में शनिवार रात बादल फटने से पहाड़ी नाले में अचानक उफान आ गया, जिससे एक पुल और सड़क बह गई। इस घटना के बाद मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, राज्यभर में कई सड़कें अब भी बाधित हैं और उन्हें खोलने का कार्य जारी है।
उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश का प्रभाव
उत्तराखंड के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित होने की खबरें हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर में भी बारिश के कारण कई इलाकों में लोगों की आवाजाही बाधित हुई है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है।
पूर्वोत्तर में जलभराव की स्थिति
असम के अलावा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का असर देखा जा रहा है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून सक्रिय रहेगा, जिससे अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
आगे की स्थिति
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मॉनसून सक्रिय रहेगा। असम, मेघालय, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव या बाढ़ की स्थिति है, वहां लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।