भारत में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित: असम और गुजरात में स्थिति गंभीर
देशभर में बाढ़ का कहर
भारत के विभिन्न हिस्सों में हो रही लगातार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। असम, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 62 तक पहुंच गई है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं.
नदियों का जलस्तर बढ़ा
देश के कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है, और कई स्थानों पर सड़कें, पुल और घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बचाव और राहत कार्य जारी हैं.
असम में बाढ़ का सबसे अधिक असर
असम में शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां लगभग 3.75 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। चराइदेव में 1.86 लाख और जोरहाट में 1.15 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कुल 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, और लगातार बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.
गुजरात में बाढ़ से मौतें
गुजरात में भी भारी बारिश के कारण 31 लोगों की जान चली गई है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, नवसारी में सबसे अधिक 15 मौतें हुई हैं। अधिकतर मौतें डूबने की घटनाओं में हुई हैं, और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
अन्य प्रभावित राज्य
जम्मू-कश्मीर में भी बारिश के कारण तवी, चिनाब और झेलम जैसी नदियां उफान पर हैं, जिससे 27 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण 134 सड़कें बंद हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश जारी है.
मौसम विभाग की चेतावनी
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के किनारे न जाएं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें.