भारत में मानसून का कहर: भारी बारिश और लैंडस्लाइड का खतरा
नई दिल्ली में मानसून की दस्तक
नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी हवाएं फिर से तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते राजस्थान और ओडिशा में बारिश का खतरा बढ़ गया है। झालवाड़ के सुनेल में 30 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 17 अगस्त तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा
दिल्ली में मौसम सुहावना होने के साथ-साथ जलभराव की समस्या भी उत्पन्न कर सकता है। दिल्ली-एनसीआर के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें दिनभर घने बादल छाए रहने और दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने और यातायात में रुकावट की आशंका है।
हिमाचल से उत्तराखंड तक लैंडस्लाइड का खतरा
हिमाचल से उत्तराखंड तक पहाड़ों पर लैंडस्लाइड
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 17 अगस्त तक बारिश की चेतावनी है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। विशेष रूप से हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, शिमला और उत्तराखंड के उत्तरकाशी व चमोली जिलों में भूस्खलन और बिजली की आवाजाही ठप होने से आम जीवन प्रभावित हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम और ओडिशा पर मंडराता खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का एक नया क्षेत्र बन रहा है। इस नए मानसूनी चक्र के कारण ओडिशा में 11 से 13 अगस्त के बीच अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
केवल पूर्वी भारत ही नहीं, बल्कि अरब सागर से उठने वाली नमी वाली हवाओं और हिंद महासागर द्विध्रुव के सकारात्मक सहयोग से पश्चिमी भारत में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, गोवा, मुंबई, ठाणे और पालघर समेत रायगढ़ व पुणे के घाट इलाकों में 15 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।