भारत में मानसून की बारिश से जनजीवन प्रभावित, राहत कार्य जारी
दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश का असर
Weather Update, नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के चरम पर पहुंचने के बाद देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। असम समेत विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरें यह संकेत दे रही हैं कि बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।
इन तस्वीरों में एशिया के ऊपर 7000 से 10000 किलोमीटर लंबी बारिश की एक विशाल पट्टी देखी जा रही है। यह बादल क्षेत्र हिंद महासागर से आ रही नमी भरी हवाओं और एशियाई मौसम प्रणालियों के मिलन से बना है, जिसके कारण इस वर्ष का मानसून अत्यधिक सक्रिय है।
उत्तर भारत में बारिश में वृद्धि
इस मानसून सीजन में भारत ने अपने सबसे अधिक बारिश वाले दिन देखे हैं। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से 70-80 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर जैसे राज्यों में भारी बारिश हुई है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अधिकारियों ने अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
महाराष्ट्र के पालघर में बाढ़ जैसी स्थिति
महाराष्ट्र के पालघर जिले में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। दहानू और तलासरी तहसीलों के कई गांवों का संपर्क टूट गया है और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 891 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि लगभग दो लाख लोग बिना बिजली के रह रहे हैं। जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि बुधवार रात से जिले में मूसलाधार बारिश हो रही है। सभी शैक्षणिक संस्थानों को गुरुवार के लिए बंद रखने का आदेश दिया गया है।
गुजरात के वलसाड में राहत कार्य जारी
गुजरात के वलसाड जिले में भारी बारिश के बीच राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन की सहायता के लिए तीन एनडीआरएफ और पांच एसडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं।
नई दिल्ली से दो अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमें गुरुवार शाम तक वलसाड पहुंचेंगी। इसके अलावा, 70 जवानों की एक सेना की टुकड़ी भी वलसाड भेजी जा रही है। ये टीमें जिला प्रशासन के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्य करेंगी।