भारत में मानसून की बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर
भारत में मानसून की तबाही
नई दिल्ली। मानसून का समय लौट आया है, लेकिन इससे पहले देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। बिहार में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहां 14 जिलों में लगभग 50 लाख लोग प्रभावित हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे के बीच साढ़े तीन इंच बारिश हुई। इस दौरान एक स्कूल बस भी पानी में फंस गई, जिसमें बच्चे सवार थे। उत्तराखंड में भी कई स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। केदारनाथ के चीरबासा हेलिपैड के पास चट्टानें गिरने से एक 65 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। केदारनाथ की यात्रा भी भूस्खलन के कारण रोक दी गई है।
बिहार में 14 जिलों के लगभग ढाई हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की गंगा सहित आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ है। रविवार को क्रूज पर सवार 11 पर्यटकों, जिनमें नौ विदेशी भी शामिल थे, को सुरक्षित निकाल लिया गया। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मानसून फिर से सक्रिय हो गया है।