भारत में मानसून की वापसी: भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी
मानसून की सक्रियता
भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर से गति पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग ने 13 जुलाई के लिए उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने किसानों, मछुआरों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा भी बना हुआ है।
भारी बारिश की चेतावनी वाले राज्य
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और असम सहित कुल 17 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना है। कई स्थानों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में इससे भी अधिक गति दर्ज होने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में सतर्कता
उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कुशीनगर और महाराजगंज जैसे कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बिहार के पटना, गया, नवादा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और आसपास के जिलों में 13 से 15 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली और पहाड़ी क्षेत्रों पर प्रभाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में नहीं जाने और कमजोर पेड़ों या पुराने भवनों के आसपास खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम की जानकारी के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।