भारत में मैसेजिंग ऐप्स पर नया नियम: सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा WhatsApp, Telegram
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए नया कदम
नई दिल्ली: देश में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स बिना सिम कार्ड के कार्य नहीं करेंगे। दूरसंचार विभाग (DoT) ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐप-बेस्ड मैसेजिंग सेवाएं केवल तभी सक्रिय रहेंगी जब उपयोगकर्ता के मोबाइल या डिवाइस में सिम कार्ड मौजूद होगा और वह सक्रिय अवस्था में होगा।
नियमों का कार्यान्वयन
सरकार ने 28 नवंबर को यह निर्देश जारी किए हैं। भारत में ऐप-बेस्ड संचार सेवाएं प्रदान करने वाली सभी कंपनियों को कहा गया है कि वे इस नए नियम को लागू करें और 120 दिनों के भीतर दूरसंचार विभाग को अनुपालन रिपोर्ट सौंपें। यदि कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन पर दूरसंचार अधिनियम-2023 और साइबर सुरक्षा नियमों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिम निकालने पर ऐप्स का बंद होना
वर्तमान में, यदि आप अपने फोन से सिम निकालते हैं लेकिन फोन वाई-फाई से कनेक्टेड है, तो वॉट्सऐप या अन्य मैसेजिंग ऐप्स पहले की तरह काम करते रहते हैं। लेकिन नए निर्देशों के अनुसार, जैसे ही डिवाइस से सिम निकाला जाएगा या डी-एक्टिवेट होगा, मैसेजिंग ऐप्स काम करना बंद कर देंगे।
सख्त कदम की आवश्यकता
सरकार को यह जानकारी मिली थी कि अपराधी और विदेशों से संचालित कई समूह इस तकनीकी खामी का लाभ उठा रहे थे। वे सिम बदलने या निष्क्रिय होने के बाद भी पुराने नंबर पर वाई-फाई के जरिए एप का उपयोग कर चैट जारी रखते थे। चूंकि उस समय एप सिम से जुड़ा नहीं होता था, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था। यह साइबर अपराध के लिए एक 'आदर्श स्थिति' बन गई थी, जिसे समाप्त करने के लिए सरकार ने यह एहतियाती कदम उठाया है।
प्रभावित ऐप्स
सरकार के इस निर्णय का असर भारत में लोकप्रिय लगभग सभी मैसेजिंग और सोशल मीडिया ऐप्स पर पड़ेगा। मुख्य रूप से शामिल हैं:
वॉट्सऐप (WhatsApp)
टेलीग्राम (Telegram)
सिग्नल (Signal)
स्नैपचैट (Snapchat)
जियोचैट (JioChat)
शेयरचैट और जोश (ShareChat & Josh)