भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है: भारी बारिश की चेतावनी
मौसम में बदलाव की चेतावनी
नई दिल्ली: देश के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम एक बार फिर से बदलने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में जारी बुलेटिन में बताया है कि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर एक नई मौसमी प्रणाली सक्रिय हो गई है। कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, पश्चिमी राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों की छाया
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 15 से 17 सितंबर के बीच दोपहर से शाम तक हल्की बारिश, बिजली चमकने और गरज की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना
नए मौसमी चक्र का प्रभाव मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में 15 से 17 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में 14 से 20 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी के साथ मूसलाधार वर्षा होने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ में मध्यम से भारी बारिश हुई है, जहां लोहारिया और सागवाड़ा में सबसे अधिक 109 मिलीमीटर वर्षा मापी गई।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम में बदलाव
पूर्वी भारत के राज्यों में भी आने वाले दिनों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। झारखंड में 14 से 18 सितंबर के बीच 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके चलने और हल्की बारिश की संभावना है। ओडिशा में 19 और 20 सितंबर को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।