भारत में मौसम का मिजाज: भारी बारिश और तूफान की चेतावनी
नई दिल्ली में मौसम का बदलाव
नई दिल्ली: मौसम में एक बार फिर बदलाव आने वाला है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उसके आस-पास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जो देश के कई हिस्सों में मानसून को तेज करेगा। इस नई हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों में पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के राज्यों में भारी बारिश, गरज और वज्रपात की संभावना है। मौसम विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।
पूर्वी भारत और तटीय क्षेत्रों में तूफान
बंगाल की खाड़ी में उठ रही मौसमी हलचल का सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा पर पड़ेगा, जहां 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है।
इस दौरान गंगा के तटीय क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह मौसम की गतिविधियाँ बनी रहेंगी।
मध्य भारत में बारिश का प्रभाव
मध्य भारत के राज्यों में भी बादलों की गतिविधि बढ़ रही है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 10 से 13 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मध्य प्रदेश और विदर्भ में बारिश का दायरा भी बढ़ेगा। 11 से 14 सितंबर के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में व्यापक वर्षा होगी, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 15 सितंबर के बीच भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इस दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है।
उत्तर भारत में मौसम की विविधता
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का अलग-अलग मिजाज देखने को मिलेगा। दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 9 से 15 सितंबर के बीच हल्की बौछारों के साथ बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि, पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 11 से 15 सितंबर के बीच बारिश का असर अधिक रहेगा। उत्तराखंड में बिजली कड़कने और तेज आंधी के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत में मानसून की सक्रियता पूरी तरह से देखने को मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 11 से 15 सितंबर के बीच लगभग सभी क्षेत्रों में झमाझम बारिश होगी। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 13 सितंबर के बीच व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के एक बड़े हिस्से में बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।