भारत में मौसम में बदलाव: अल-नीनो का प्रभाव और बारिश की भविष्यवाणी
मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन
नई दिल्ली: भारत के मौसम में एक बार फिर से महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल-नीनो का प्रभाव अब और अधिक स्पष्ट हो सकता है। इस बीच, मॉनसून ट्रफ के दक्षिण की ओर खिसकने से देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के पैटर्न में बदलाव आ रहा है। आने वाले कुछ दिनों में मौसम की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में इस बदलाव का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ राज्यों में अच्छी बारिश की उम्मीद है, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश की कमी चिंता का विषय बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त का रुख काफी हद तक अगले एक सप्ताह में बनने वाली परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
उत्तर भारत में मध्यम बारिश की संभावना
मॉनसून ट्रफ के उत्तर भारत के मैदानों और मध्य भारत की ओर खिसकने से नम पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तरी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर 10 से 40 मिलीमीटर तक वर्षा होने की उम्मीद है, हालांकि बारिश पूरे क्षेत्र में एक साथ नहीं होगी।
मध्य भारत में भारी बारिश की संभावना
ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक सक्रिय मॉनसून बना रहने की संभावना है। इसके बाद, गुरुवार से रविवार के बीच भारी बारिश का क्षेत्र मध्य प्रदेश, गुजरात और दक्षिणी राजस्थान की ओर बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका भी जताई गई है।
दक्षिण भारत में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल-नीनो के प्रभाव से दक्षिण भारत में मॉनसून सामान्य से कम सक्रिय रह सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में वर्षा की कमी बनी रहने की संभावना है।
ECMWF के पूर्वानुमान के संकेत
यूरोपीय मौसम केंद्र (ECMWF) के पूर्वानुमान के अनुसार, राजस्थान, केरल, उत्तरी गुजरात, दक्षिणी बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हो सकती है। अगले सप्ताह मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, असम, मेघालय, सिक्किम और नेपाल के आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
अल-नीनो का बढ़ता प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिसका प्रभाव वैश्विक मौसम प्रणाली पर पड़ता है। इसके कारण कभी अत्यधिक बारिश तो कभी लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 7 से 10 दिनों में मॉनसून ट्रफ मजबूत नहीं हुआ, तो अगस्त में कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है।