भारत में रसोई गैस की उपलब्धता पर सरकार का आश्वासन
सरकार ने दी गैस और तेल की पर्याप्तता की जानकारी
नई दिल्ली। देशभर में रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच, गुरुवार को केंद्र सरकार के चार मंत्रालयों के अधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के साथ-साथ शिपिंग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि भारत में गैस और तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, सरकार ने यह स्वीकार किया कि देश में स्थिति चुनौतीपूर्ण है, और लोगों ने घबराहट में कई गुना अधिक सिलेंडर बुक कर लिए हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति होरमुज की खाड़ी से आती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में प्रतिदिन लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की जाती है। इसके अलावा, उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से संतोषजनक है और देश के लगभग एक लाख पेट्रोल पंपों में से किसी पर भी ईंधन की कमी नहीं है।
सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता की स्थिति काफी सहज और संतोषजनक है। भारत हर दिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर होने के नाते, पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता को लेकर भरोसा बना हुआ है।' उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू उत्पादन में वृद्धि हुई है और सरकार सभी मोर्चों पर सक्रियता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।