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भारत में लॉकडाउन की चर्चाओं पर किरेन रिजिजू का बयान

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में लॉकडाउन की चर्चाओं पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति इतनी गंभीर नहीं है और सरकार लगातार स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही है। रिजिजू ने विपक्ष को सलाह दी कि विपत्ति के समय में सरकार का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने घरेलू उत्पादन पर जोर देने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा उन्होंने।
 

लॉकडाउन की चर्चाओं का बढ़ता दौर


देश में लॉकडाउन को लेकर चर्चाएं फिर से जोर पकड़ रही हैं। यह चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की बचत के आह्वान के बाद शुरू हुई। इस संदर्भ में सरकार को बार-बार स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता पड़ रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय में विपक्ष को सरकार का समर्थन करना चाहिए, लेकिन वे राजनीति करने से नहीं चूक रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि वह विपक्ष को संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं।


स्थिति को लेकर किरेन रिजिजू का दृष्टिकोण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का इस संकट से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन तेल और गैस के आयात में बाधा आने से भारत को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लॉकडाउन के संदर्भ में रिजिजू ने कहा कि वर्तमान में स्थिति इतनी गंभीर नहीं है। सरकार लगातार स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में है। प्रधानमंत्री मोदी ने तेल और गैस की बचत के लिए आह्वान किया है ताकि स्थिति और न बिगड़े।


घरेलू उत्पादन पर जोर देने की आवश्यकता

किरेन रिजिजू ने बताया कि भारत सरकार पिछले 12 वर्षों से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन भारत अभी भी तेल आयातक देशों में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि जब स्थिति सामान्य हो जाएगी, तब राजनीति कर सकते हैं, लेकिन अभी सरकार का समर्थन करना चाहिए।