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भारत में विमानन सुरक्षा: हालिया आंकड़े और सरकार की पहल

भारत में विमानन सुरक्षा को लेकर सरकार ने हाल ही में संसद में महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। पिछले पांच वर्षों में 23 विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं। इस रिपोर्ट में दुर्घटनाओं की संख्या, हेलीकॉप्टर हादसों की बढ़ती दर और सुरक्षा सुधार के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया गया है। जानें सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या कहना है और भविष्य में क्या योजनाएं हैं।
 

विमानन सुरक्षा पर सरकार की रिपोर्ट


भारत में विमानन सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार ने संसद में महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कुल 23 विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं। यह आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब विमानन सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।


दुर्घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण

सरकार के अनुसार, विभिन्न वर्षों में दुर्घटनाओं की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2021 में छह, 2022 और 2023 में चार-चार, 2024 में तीन और 2025 में कुल छह हादसे दर्ज किए गए। इन आंकड़ों में विमान और हेलीकॉप्टर दोनों शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि सुरक्षा प्रयासों के बावजूद दुर्घटनाएं पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाई हैं।


हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की बढ़ती दर

आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की दर प्रति 10,000 उड़ान घंटों में 0.53 रही, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। वहीं, गैर-नियोजित विमानों की दुर्घटना दर प्रति 10,000 प्रस्थान में 0.27 दर्ज की गई। यह संकेत करता है कि कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।


सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर स्थिति

सरकार का कहना है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में कर्मचारियों की कमी के बावजूद सुरक्षा कार्यों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। विभाग में स्वीकृत 1,630 पदों में से कई पद खाली हैं, लेकिन निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाए रखा गया है।


भर्ती और सुधार की योजनाएं

सरकार ने हाल के महीनों में भर्ती प्रक्रिया के तहत 167 उम्मीदवारों का चयन किया है, जिनमें से 106 को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, अन्य पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से विमानन क्षेत्र की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।