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भारत में सुरक्षित पहुंचे दो एलपीजी टैंकर, संकट में राहत की उम्मीद

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंचे हैं। शिवारिक और नंदा देवी टैंकरों ने क्रमशः मुंद्रा और वडीनार पोर्ट पर 46,000 और 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी उतारी। इन टैंकरों के आगमन से देश में एलपीजी आपूर्ति में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिससे कई शहरों में लंबी कतारों और व्यवसायों में चिंता कम होगी। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी।
 

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच टैंकरों की सुरक्षित यात्रा


पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना जोखिम भरा हो गया था, लेकिन दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गए हैं। पहले टैंकर, शिवारिक, मुंद्रा पोर्ट पर 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर आया, जो देश की एक दिन की आयात आवश्यकता के बराबर है। इसके बाद, मंगलवार को नंदा देवी टैंकर ने वडीनार पोर्ट पर 47,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी उतारी। ये दोनों जहाज संकट के बीच राहत की एक महत्वपूर्ण खबर हैं। कई शहरों में लंबी कतारें और छोटे व्यवसायों में चिंता का माहौल था, लेकिन अब आपूर्ति में स्थिरता की संभावना बढ़ गई है।


शिवारिक टैंकर की यात्रा

शिवारिक टैंकर ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए सोमवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लंगर डाला। इसमें 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी थी, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू 14.2 किलो सिलेंडरों के बराबर है। अधिकारियों का मानना है कि यह टैंकर अकेले देश की एक दिन की कुल एलपीजी आयात आवश्यकता को पूरा कर सकता है।


नंदा देवी का आगमन

मंगलवार को नंदा देवी टैंकर वडीनार पोर्ट पर पहुंचा, जिसमें 47,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लदी थी। यह दूसरा जहाज है जो युद्ध प्रभावित हॉर्मुज से गुजरकर सुरक्षित भारत पहुंचा है। जहाज के पहुंचने के बाद, 24,000 मीट्रिक टन एलपीजी तमिलनाडु भेजी जाएगी। दोनों टैंकरों के आगमन से देशव्यापी संकट में कमी आने की उम्मीद जगी है।


शिपिंग मंत्रालय का बयान

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने शनिवार को जानकारी दी थी कि शिवारिक 16 मार्च और नंदा देवी 17 मार्च को पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। हॉर्मुज के पश्चिम में 24 भारतीय जहाज थे, जिनमें से ये दोनों एलपीजी कैरियर रात में सुरक्षित निकले और भारत की ओर बढ़े।


संकट में राहत की उम्मीद

दोनों टैंकरों के आगमन से एलपीजी आपूर्ति में स्थिरता आएगी। कई शहरों में घरेलू और कमर्शियल गैस के लिए लंबी कतारें लगी थीं। होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर बंद होने की आशंका जता रहे थे। अब इन जहाजों से मिली मात्रा से बाजार में दबाव कम होगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।


भविष्य की स्थिति

ये दोनों जहाज संकट के बीच एक बड़ी सफलता माने जा रहे हैं। सरकार और तेल कंपनियां अन्य स्रोतों से भी आयात बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज में तनाव कम होता है, तो आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। फिलहाल, इन दो टैंकरों ने देश को तत्काल राहत प्रदान की है और आगे की चुनौतियों का सामना करने का भरोसा बढ़ाया है।