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भारत सरकार का अग्निवीरों के लिए कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय

भारत सरकार ने अग्निवीरों के कार्यकाल को बढ़ाकर 6 साल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले से 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस निर्णय की जानकारी दी, जिसमें अग्निवीरों के प्रदर्शन का सकारात्मक मूल्यांकन किया गया है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़ा

दिल्ली: भारत सरकार ने चार साल की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अब दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा। इसका मतलब है कि इस वर्ष सेना से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीर अब दो साल और सेवा कर सकेंगे, जिससे उनका कुल कार्यकाल 6 साल हो जाएगा।


इस निर्णय की जानकारी देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को कहा, “आज भारतीय रक्षा बलों और हमारे अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय रक्षा बलों में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त किया है। 'अग्निपथ' योजना 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी, और तब से अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन लगातार किया जा रहा है।”


उन्होंने आगे कहा कि अग्निवीरों का पहला बैच अब अपने चार साल के कार्यकाल को पूरा करने वाला है। इन चार वर्षों में उनके प्रदर्शन के आधार पर हमें सकारात्मक फीडबैक प्राप्त हुआ है।”


सीडीएस ने बताया कि 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित बलों में भर्ती किया जाएगा। पहले यह तय था कि 75% अग्निवीर अनुशासित युवाओं के रूप में समाज में लौटेंगे। लेकिन अब, इस अपडेटेड योजना के तहत, बचे हुए 75% अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा समय दिया जाएगा। इस अवधि के बाद, योग्य व्यक्तियों को सशस्त्र बलों में स्थायी पदों पर भर्ती किया जाएगा, जो ऑब्जेक्टिव सिलेक्शन क्राइटेरिया के आधार पर होगा।


जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अग्निपथ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी। यह योजना बंद नहीं हुई है। दो साल का यह अतिरिक्त सेवा समय उन अग्निवीरों को दी जाएगी जो पहले चार वर्षों में नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं हुए हैं।”