भारत सरकार का बड़ा कदम: ऊर्जा आपूर्ति को लेकर उठाए गए महत्वपूर्ण कदम
भारत में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है और इसे आम जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
सिक्योरिटी फीस माफ करने का निर्णय
तेल कंपनियों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए लगने वाली सिक्योरिटी फीस को माफ करने का निर्णय लिया है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और नए कनेक्शनों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। सुजाता शर्मा ने बताया कि दिल्ली में पाइपलाइन बिछाने के कार्य को सुगम बनाने के लिए सड़क बहाली शुल्क भी हटा दिया गया है। इसके अलावा, अब पाइपलाइन बिछाने का कार्य 24 घंटे किया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। कंपनियों ने उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए 500 रुपये तक की मुफ्त गैस देने की भी घोषणा की है।
एलपीजी आपूर्ति की स्थिति
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। 24 मार्च को विभिन्न राज्यों में लगभग 2700 छापेमारी की गई, जिसमें 2000 सिलेंडर जब्त किए गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता
सरकार ने पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर भी भरोसा दिलाया है। बताया गया कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और भारत के पास कुल 26 करोड़ टन की रिफाइनिंग क्षमता है, जिससे मांग को पूरा करने में कोई समस्या नहीं है।
पीएनजी नेटवर्क का विस्तार
दिल्ली सरकार ने पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए 24 घंटे काम करने की अनुमति दी है और इस संबंध में नया नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और समयसीमा को व्यवस्थित किया गया है। पिछले 25 दिनों में लगभग 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
एलपीजी वितरण के आंकड़े
एलपीजी वितरण के आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में 92% बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की गईं। 26 राज्यों को 22 लाख टन कमर्शियल एलपीजी आवंटित की गई है, जबकि 30,000 छोटे सिलेंडर भी वितरित किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सक्रियता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत सक्रिय है। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत की, जिसमें समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। इसके अलावा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।