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भारत सरकार का बड़ा फैसला: प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति दोगुनी

भारत सरकार ने मध्य पूर्व में ऊर्जा संकट के बीच प्रवासी श्रमिकों के लिए एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को दोगुना करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम श्रमिकों को राहत प्रदान करेगा, जो हाल ही में सिलेंडर की कमी के कारण परेशान थे। नए नियमों के तहत, 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे श्रमिकों को खाना पकाने में आसानी होगी। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और इसके प्रभाव के बारे में।
 

एलपीजी संकट और सरकार की पहल


एलपीजी बड़ी खबर: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कई देशों में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है। कई स्थानों पर गैस और पेट्रोल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। इस स्थिति में, भारत सरकार ने एलपीजी की कमी से बचने के लिए नागरिकों से पीएनजी कनेक्शन लेने की सलाह दी है। इसके साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को राहत प्रदान करते हुए, उनके लिए एलपीजी की आपूर्ति को दोगुना करने का निर्णय लिया गया है।


समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को मिलने वाले 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की दैनिक संख्या को दोगुना करने का निर्णय लिया है। ये अतिरिक्त 5 किलो FTL सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य/सिविल सप्लाई विभागों को प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की मदद से इन सिलेंडरों को केवल प्रवासी श्रमिकों को उपलब्ध कराया जाएगा।


सरकारी अधिसूचना के अनुसार, ये सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के पास उपलब्ध होंगे, जो तेल कंपनियों की सहायता से सीधे श्रमिकों तक पहुंचाए जाएंगे। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च से अब तक लगभग 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।


हाल ही में, देश के विभिन्न शहरों में प्रवासी श्रमिकों को सिलेंडर न मिलने की खबरें आई थीं, जिसके कारण कई श्रमिक अपने घर लौटने लगे थे। अब सरकार ने प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं को कम करने और उन्हें खाना पकाने के लिए 5 किलो FTL सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय लिया है। ये सिलेंडर बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हैं और इन्हें नजदीकी गैस एजेंसी से लेने के लिए पते का प्रमाण देना आवश्यक नहीं है।