भारत सरकार की ईरान में फंसे नागरिकों के लिए सतर्कता
ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान
नई दिल्ली - ईरान में चल रहे राजनीतिक और सुरक्षा संकट को लेकर भारत सरकार पूरी तरह से सतर्क है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा कि भारत ईरान में हो रही घटनाओं पर लगातार नजर रख रहा है। वर्तमान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक ईरान में हैं, जिनमें अधिकांश छात्र शामिल हैं।
एडवाइजरी और सुरक्षा उपाय
विदेश मंत्रालय ने ईरान की स्थिति को देखते हुए अब तक तीन एडवाइजरी जारी की हैं। इनमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अगली सूचना तक ईरान की यात्रा न करें। इसके अलावा, ईरान में रह रहे भारतीयों से कहा गया है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश छोड़ने के विकल्पों पर विचार करें। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों की हर संभव सहायता की जाएगी।
केरल सरकार की पहल
विशेष हेल्पडेस्क की स्थापना
ईरान में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच, केरल सरकार भी सतर्क है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर, नोरका रूट्स ने ईरान में रह रहे केरलवासियों के लिए एक विशेष सहायता डेस्क की स्थापना की है। नोरका ने बताया कि जरूरतमंद लोग टोल-फ्री नंबर या इंटरनेशनल मिस्ड कॉल सुविधा के माध्यम से नोरका ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय दूतावास से संपर्क
दूतावास के दिशा-निर्देशों का पालन
विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपात स्थिति में नागरिक हेल्पलाइन नंबरों या ईमेल के माध्यम से दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही, रेजिडेंट वीजा पर ईरान में रह रहे भारतीयों से दूतावास में पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया है।
ईरान में प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय दबाव
स्थिति में सुधार, लेकिन तनाव बरकरार
हालांकि ईरान में हालात कुछ हद तक शांत होते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। हाल के विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 2,615 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका ने ईरान के अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जो पिछले महीने के प्रदर्शनों को कुचलने के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा, जी-7 देशों और यूरोपीय संघ ने भी ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने पर विचार किया है।