भारत सरकार ने नई मजदूरी दरों की घोषणा, ग्रामीण रोजगार योजना में बदलाव
नई मजदूरी दरों की घोषणा
केंद्र सरकार ने मंगलवार को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 (VB-G RAM G) के तहत नई मजदूरी दरों की घोषणा की है। ये दरें आज, 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। इस योजना के तहत पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGS) को प्रतिस्थापित किया जाएगा।
न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि
नई दरों के अनुसार, औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है, जो कि प्रतिदिन 28.6 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है, और यह दरें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो गई हैं।
राज्यों में मजदूरी की स्थिति
कौन से राज्य सबसे अधिक मजदूरी देते हैं?
नई दरों के अनुसार, हरियाणा में मजदूरी सबसे अधिक 409 रुपये प्रतिदिन हो गई है। इसके बाद गोवा में 406 रुपये और केरल में 401 रुपये प्रतिदिन की दरें निर्धारित की गई हैं। सिक्किम में ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्र में मजदूरी 450 रुपये प्रतिदिन है।
न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण
300 रुपये न्यूनतम मजदूरी
सरकार ने न्यूनतम मजदूरी को प्रतिदिन 300 रुपये निर्धारित किया है, जिसका अर्थ है कि इस योजना के तहत किसी भी मजदूर को 300 रुपये से कम मजदूरी नहीं मिलेगी। सभी राज्यों में कम से कम 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
बढ़ोतरी के आंकड़े
कौन से राज्यों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई?
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 21 राज्यों में मजदूरी को सीधे 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में मजदूरी में सबसे अधिक 24.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जॉब कार्ड की स्थिति
जॉब कार्ड में क्या बदलाव होगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुराने जॉब कार्ड अभी मान्य रहेंगे। जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं होते, तब तक पुराने कार्ड का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, भविष्य में नए जॉब कार्ड जारी किए जा सकते हैं।