भारतीय किशोरों ने पानी की समस्या का समाधान खोजा, जीता Earth Prize 2026
नई दिल्ली में एक अनोखी खोज
नई दिल्ली: 16 वर्षीय विवान छावछरिया, एरियाना अग्रवाल और अवयाना मेहता ने साफ पानी की समस्या के समाधान के लिए एक अभिनव प्रयोग किया है, जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई है। इन तीनों ने बेकार इमली की गुठलियों से Plas-Stick नामक एक उत्पाद विकसित किया है, जो पानी में मौजूद सूक्ष्म प्लास्टिक कणों को एकत्रित करने में मदद करता है। यह पाउडर छोटे कणों को जोड़कर बड़े समूह बनाता है, जिन्हें फिर चुंबक की सहायता से अलग किया जा सकता है। इसी नवाचार के लिए उन्हें Earth Prize 2026 से सम्मानित किया गया।
Plas-Stick की कार्यप्रणाली
माइक्रोप्लास्टिक, जो कि बेहद छोटे प्लास्टिक कण होते हैं, को पानी से हटाना चुनौतीपूर्ण होता है। छात्रों ने ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास किया, जिसे कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके। इस खोज के दौरान, उन्होंने इमली के बीजों पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें आमतौर पर बेकार समझा जाता है।
Plas-Stick का प्रभाव
टीम के अनुसार, इमली के बीजों से बने पाउडर की मदद से पानी में मौजूद सूक्ष्म प्लास्टिक कणों को एकत्रित किया जा सकता है। ये बड़े समूह छोटे कणों की तुलना में अलग करना आसान होते हैं। Earth Prize के अनुसार, इन समूहों को हाथ में पकड़े जाने वाले चुंबक से एकत्र किया जा सकता है, जिससे बिजली या जटिल मशीनों की आवश्यकता कम होती है।
IIT गुवाहाटी का सहयोग
Plas-Stick के विकास में छात्रों को IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं का सहयोग मिला। उन्होंने अपने विचार को आगे बढ़ाने और उसकी जांच करने पर काम किया। छात्रों ने इस परियोजना को स्कूल के बाहर भी प्रस्तुत किया और हजारों छात्रों और शिक्षकों के सामने इसके बारे में जानकारी साझा की। इस पहल में पर्यावरण प्रदूषण को कम करने और कृषि अपशिष्ट को उपयोगी बनाने का प्रयास भी शामिल है।
भारत का नाम रोशन
विवान, एरियाना और अवयाना ने Earth Prize में भारत का प्रतिनिधित्व किया और मई 2026 में उन्हें प्रतियोगिता का वैश्विक विजेता घोषित किया गया। वे इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का शीर्ष सम्मान जीतने वाली पहली भारतीय टीम बने। रिपोर्टों के अनुसार, उनके चयन में लगभग 23,000 लोगों ने सार्वजनिक मतदान में भाग लिया। एरियाना के लिए इमली का उपयोग विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह भारत में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है।
आगे की चुनौतियाँ
Plas-Stick की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता और कम लागत है। हालांकि, इसे मौजूदा जल शोधन तकनीकों का विकल्प मानना जल्दबाजी होगी। परियोजना अभी विकास के चरण में है और बड़े स्तर पर उपयोग से पहले इसकी सुरक्षा, प्रभावशीलता और विश्वसनीयता की जांच आवश्यक है। Earth Prize की जीत ने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, लेकिन अब असली चुनौती इस विचार को सुरक्षित और बड़े पैमाने पर उपयोगी समाधान में बदलने की है।