भारतीय जनता पार्टी: 46 वर्षों की यात्रा और राजनीतिक उत्थान
भारतीय जनता पार्टी का उदय
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है, जिसने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक समय था जब इस पार्टी के पास लोकसभा में केवल दो सांसद थे, लेकिन अब यह देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सहयोगियों के साथ सत्ता में है।
6 अप्रैल 1980 को स्थापित हुई इस पार्टी के 46 वर्ष पूरे हो गए हैं। यह दिन बीजेपी के सभी सदस्यों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन इसकी स्थापना हुई थी। आइए जानते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में इसकी शुरुआत कैसे हुई।
बीजेपी की स्थापना की कहानी
भारतीय जनता पार्टी की नींव 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से रखी गई थी, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्थापित किया था। मुखर्जी ने कांग्रेस से मतभेद के बाद जनसंघ की स्थापना की, जो राष्ट्रवादी विचारधारा और हिंदुत्व पर आधारित राजनीति के लिए जानी जाती थी। जब देश में आपातकाल लागू हुआ और विपक्षी नेताओं पर अत्याचार हुए, तब जनसंघ सहित कई दलों ने मिलकर जनता पार्टी का गठन किया, जिससे भारतीय राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ। हालांकि, जनता पार्टी में भी मतभेद उभरे, जिसके परिणामस्वरूप 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ।
अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी का योगदान
बीजेपी ने जनसंघ की विचारधारा और संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित किया। अटल बिहारी वाजपेयी को पार्टी का पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने 1980 में पार्टी की स्थापना के समय यह जिम्मेदारी संभाली। अटल अपनी उदार छवि और प्रभावशाली वक्तृत्व के लिए जाने जाते थे। इसके बाद, लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में बीजेपी ने राम जन्मभूमि आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया।
सरकार का उतार-चढ़ाव
1984 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को केवल 2 सीटें मिली थीं, लेकिन 1989 में पार्टी ने 85 सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद, 1996 में वाजपेयी की सरकार केवल 13 दिनों में गिर गई। 1998 में बीजेपी के नेतृत्व में एक सरकार बनी, जो 13 महीने तक चली। 1999 में फिर से चुनाव हुए और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी, जो पांच साल तक चली। 2004 से 2014 तक कांग्रेस का शासन रहा, लेकिन 2014 में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। हालाँकि, 2024 में बीजेपी को एक बड़ा झटका लगा और गठबंधन की सरकार बनानी पड़ी।