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भारतीय नाविकों की पहचान अमेरिकी हमले में हुई, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया

हाल ही में अमेरिकी नेवी द्वारा किए गए हमले में भारतीय नाविकों की पहचान की गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी देशों के लिए बंद कर दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस हमले में मारे गए भारतीयों में से दो की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अभी भी लापता है। जानें इस संकट के बारे में और क्या हो रहा है।
 

अमेरिकी नेवी का हमला और भारतीयों की पहचान


बुधवार को होर्मुज के निकट अमेरिकी नेवी ने एक मालवाहक जहाज पर हमला किया, जिसका नाम एमटी सेत्तेबेल्लो था। इस जहाज पर 24 भारतीयों समेत कुल 28 क्रू मेंबर मौजूद थे। हमले के समय तीन भारतीय लापता हो गए थे, जिनमें से दो के शव गुरुवार को बरामद कर लिए गए हैं। उनकी पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है।


हालांकि, चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश अभी भी लापता हैं। यह जानकारी मर्चेंट नेवी से जुड़ी ट्रेड यूनियन फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने दी है, जबकि भारत सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विदेश मंत्रालय ने पहले बताया था कि जहाज पर सवार 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया है।


इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हमले जारी हैं। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए।


ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का निर्णय

ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी देशों के लिए बंद कर दिया है। इससे पहले, भारत सहित कई मित्र देशों के जहाज इस मार्ग से गुजर रहे थे। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है।


आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा और अमेरिका के नए सैन्य हमलों के कारण यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार, तेल टैंकरों, मालवाहक जहाजों और अन्य सभी प्रकार के समुद्री जहाजों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।


ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक बलों और आईआरजीसी की नौसेना के बीच तनाव और गोलीबारी की घटनाएं बढ़ गई हैं। आईआरजीसी का दावा है कि उसने दो ऐसे जहाजों को निशाना बनाया जो उसकी अनुमति के बिना जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहे थे।