भारतीय फोटोग्राफी के दिग्गज रघु राय का निधन: जानें उनके जीवन की अनकही कहानियाँ
रघु राय का निधन
नई दिल्ली: भारत के प्रतिष्ठित फोटोग्राफर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फोटो जर्नलिस्ट रघु राय का निधन रविवार को हुआ। उन्होंने 83 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके परिवार ने इस दुखद समाचार की पुष्टि अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से की।
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनके निधन से फोटोग्राफी और पत्रकारिता के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
भारतीय फोटोग्राफी के जनक
रघु राय को भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता का 'जनक' माना जाता था। उनका करियर पांच दशकों से अधिक समय तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया।
उनकी तस्वीरें केवल चित्र नहीं, बल्कि इतिहास के जीवंत दस्तावेज मानी जाती हैं। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1971 में पद्म श्री से सम्मानित किया था।
भोपाल गैस त्रासदी की तस्वीर
रघु राय की सबसे प्रसिद्ध तस्वीरों में से एक भोपाल गैस त्रासदी के बाद की तस्वीर है, जिसमें एक मासूम बच्चे का निर्जीव शरीर दिखाई देता है। इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान इस भयावह घटना की ओर खींचा और कॉरपोरेट जिम्मेदारी पर वैश्विक बहस शुरू की।
महान हस्तियों के साथ काम
रघु राय ने भारत की कई प्रमुख हस्तियों के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को अपने कैमरे में कैद किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ लंबे समय तक काम किया और उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण क्षणों को दर्ज किया।
इसके अलावा, मदर टेरेसा पर उनकी फोटोग्राफी भी काफी चर्चित रही। संत घोषित होने से पहले ही उन्होंने 'Saint Mother' नाम से उन पर एक पुस्तक प्रकाशित की थी।
करियर की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय पहचान
1942 में अविभाजित भारत के झंग (अब पाकिस्तान) में जन्मे रघु राय ने 1962 में फोटोग्राफी को अपना पेशा बनाया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 'द स्टेट्समैन' से की और बाद में 'इंडिया टुडे' के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे।
वह दुनिया की प्रतिष्ठित फोटोग्राफी संस्था 'मैग्नम फोटोज' के शुरुआती भारतीय सदस्यों में से एक थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने 18 से अधिक किताबें लिखीं और फोटोग्राफी के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी।