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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराया

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर अपना पहला महिला टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत में यास्तिका भाटिया का शतक और तेज गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन शामिल था। सचिन तेंदुलकर का समर्थन भी टीम के लिए प्रेरणादायक रहा। जानें इस ऐतिहासिक जीत के बारे में और कैसे भारत ने क्रिकेट के इस प्रतिष्ठित मैदान पर अपनी छाप छोड़ी।
 

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सोमवार को क्रिकेट के प्रतिष्ठित स्थल लॉर्ड्स में एक नई उपलब्धि हासिल की है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर अपना पहला महिला टेस्ट मैच जीत लिया है। यह लॉर्ड्स के 142 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार था जब यहां महिला टेस्ट खेला गया और भारत ने इसे शानदार तरीके से जीतकर यादगार बना दिया। भारत ने चौथे दिन इंग्लैंड की दूसरी पारी को 186 रन पर समेटते हुए यह मुकाबला अपने नाम किया। इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का बड़ा लक्ष्य मिला था, लेकिन मेज़बान टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। भारत को अंतिम दिन जीत के लिए केवल चार विकेट की आवश्यकता थी, जिसे उसने पहले सत्र में ही हासिल कर लिया।


सचिन तेंदुलकर का प्रेरणादायक दौरा

सचिन तेंदुलकर ने बढ़ाया टीम का उत्साह

इस ऐतिहासिक जीत से पहले, भारतीय टीम को चौथे दिन सुबह एक विशेष सरप्राइज मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत पूरी टीम से मिले, जिससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने प्रसारण के दौरान कहा कि सचिन का इस तरह अचानक टीम के बीच पहुंचना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाला पल था। मैच के बाद सचिन ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी लॉर्ड्स में मौजूद रहे और उन्होंने भी भारतीय टीम की इस उपलब्धि का साक्षी बने।


भारत की जीत का सफर

भारत को ऐसे मिली ऐतिहासिक जीत

भारत ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए। इंग्लैंड की पहली पारी केवल 170 रन पर समाप्त हुई, जिससे भारत को 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी 147/7 के स्कोर पर घोषित कर इंग्लैंड के सामने 457 रन का लक्ष्य रखा। तीसरे दिन के खेल के अंत तक इंग्लैंड का स्कोर 130/6 था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने जल्दी ही बाकी चार विकेट भी हासिल कर लिए।


तेज गेंदबाजों का कमाल

तेज गेंदबाजों ने किया कमाल

भारत की जीत में तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। दूसरी पारी में स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की वापसी की सभी उम्मीदें खत्म कर दीं। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने संघर्षपूर्ण अर्धशतक बनाया, जबकि एमी जोन्स ने भी 54 रन बनाए, लेकिन दोनों की पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं।


यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक

यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास

भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी स्टार यास्तिका भाटिया रहीं, जिन्होंने दूसरी पारी में 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 14 चौकों की मदद से यह उपलब्धि हासिल की और लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव भी प्राप्त किया।


भारत की बढ़ती बादशाहत

टीम इंडिया की बढ़ी बादशाहत

इस जीत के साथ महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड पर भारत की मजबूत पकड़ और मजबूत हो गई। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 16 टेस्ट मैचों में भारत ने चार मुकाबले जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को केवल एक जीत मिली है। बाकी 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। खास बात यह है कि भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अपनी इकलौती टेस्ट हार 1995 में मिली थी। लॉर्ड्स में दर्ज यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई है। शानदार बल्लेबाजी, अनुशासित गेंदबाजी और महान खिलाड़ियों से मिले प्रेरणादायक समर्थन के दम पर भारत ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान पर इतिहास अपने नाम कर लिया।