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भारतीय रेलवे के सामान रखने के नियम: लोअर बर्थ पर अधिकार क्या है?

भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने का अधिकार केवल उस यात्री का नहीं है। मिडिल और अपर बर्थ के यात्री भी इस स्थान का उपयोग कर सकते हैं। यदि कोई यात्री आपके सामान को हटाने की कोशिश करता है, तो रेलवे की सहायता लेने के विकल्प भी मौजूद हैं। जानें कि सीट के नीचे जगह न मिलने पर आप अपने सामान को कहां रख सकते हैं और क्या करें यदि कोई आपको रोकता है।
 

भारतीय रेलवे के सामान रखने के नियम


भारतीय रेलवे के सामान रखने के नियम: ट्रेन यात्रा के दौरान सीट और सामान को लेकर यात्रियों के बीच अक्सर बहस होती है। विशेषकर लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने को लेकर कई बार यात्री अपने अधिकार का दावा करते हैं। लेकिन क्या यह स्थान केवल उसी यात्री का है? रेलवे के नियमों के अनुसार, ऐसा नहीं है।


क्या लोअर बर्थ के नीचे सिर्फ उसी यात्री का अधिकार है?

रेलवे के नियम बताते हैं कि लोअर बर्थ के नीचे की खाली जगह पर उस सीट के यात्री का विशेष अधिकार नहीं होता। उसी कूपे में यात्रा कर रहे मिडिल और अपर बर्थ के यात्री भी वहां अपना सामान रख सकते हैं।


इसका मतलब है कि लोअर, मिडिल और अपर बर्थ पर यात्रा करने वाले यात्री आपसी सहमति से सीट के नीचे उपलब्ध स्थान का उपयोग कर सकते हैं। केवल लोअर बर्थ पर बैठने के आधार पर कोई यात्री दूसरे को वहां सामान रखने से नहीं रोक सकता।


बैग रखने से रोकें तो क्या करें?

यदि कोई यात्री आपके सामान को हटाने की कोशिश करता है या बैग रखने से मना करता है, तो विवाद करने के बजाय रेलवे की सहायता ली जा सकती है।


टीटीई से शिकायत करें: ट्रेन में मौजूद टीटीई को पूरी स्थिति बताएं।


रेलवे हेल्पलाइन 139: फोन करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


RailMadad App: रेल मदद ऐप या पोर्टल के माध्यम से शिकायत भेजी जा सकती है।


रेलवे यात्रियों से सामान रखने में आपसी सहयोग और समझदारी की अपील करता है।


सीट के नीचे जगह न मिले तो कहां रखें सामान?

यदि सीट के नीचे जगह नहीं है, तो छोटे बैग और बैकपैक कोच में बने सामान रखने के रैक पर रखे जा सकते हैं। वहीं, बड़े और भारी बैग के लिए कोच के प्रवेश द्वार के पास निर्धारित स्थान का उपयोग किया जा सकता है।


अगर सामान रेलवे की निर्धारित वजन सीमा से अधिक है या बहुत भारी है, तो उसे नियमों के अनुसार Luggage Van/Parcel Van में बुक कराना आवश्यक है।