भारतीय वायुसेना का सैन्य अभ्यास: पाकिस्तान की सुरक्षा में बढ़ी सक्रियता
भारतीय वायुसेना का हवाई क्षेत्र आरक्षित
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाले 17 दिवसीय सैन्य अभ्यास के लिए एक बड़े हिस्से का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से आरक्षित किया है। यह जानकारी NOTAM के माध्यम से साझा की गई है। अभ्यास के लिए निर्धारित क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तक फैला हुआ है। इस सूचना के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा और रक्षा प्रतिष्ठानों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक भी की है।
पाकिस्तान की सुरक्षा में बढ़ी चौकसी
भारतीय वायुसेना की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए, पाकिस्तान ने सीमा से सटे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बल भारतीय वायुसेना की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने भी सैन्य तैयारियों की समीक्षा की है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के कार्यालय तक पहुंचाने की बात सामने आई है।
NOTAM का महत्व
क्या है NOTAM और क्यों है अहम?
NOTAM, यानी Notice to Air Missions, विमान संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं होती हैं। इसके माध्यम से विमान कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों को हवाई क्षेत्र में अस्थायी बदलाव, प्रतिबंध या संभावित खतरों की जानकारी दी जाती है। सैन्य अभ्यास, हथियारों के परीक्षण और अन्य संवेदनशील अभियानों के दौरान ऐसे नोटिस जारी किए जाते हैं। इसलिए इस NOTAM को सामान्य विमानन सूचना के बजाय सैन्य गतिविधियों की तैयारी से जोड़ा जा रहा है।
एयरस्पेस का आरक्षण
40 हजार फीट तक आरक्षित रहेगा एयरस्पेस
भारतीय NOTAM के अनुसार, जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर के बीच बड़े हवाई क्षेत्र को सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया गया है। नाल-बिकानेर के आसपास भी एयरस्पेस प्रतिबंधित रहेगा। रिपोर्टों के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र लगभग 40,000 फीट की ऊंचाई तक फैला है, जिसमें से एक क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है।
Tarang Shakti 2026 का संबंध
Tarang Shakti 2026 से भी जुड़ेगा अभ्यास
यह 17 दिवसीय अभ्यास भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय अभ्यास Tarang Shakti 2026 से भी जुड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, Tarang Shakti 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में आयोजित होने वाला है, जिसमें कई देशों की वायुसेनाओं के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान हवाई युद्धाभ्यास, परिचालन प्रशिक्षण और विभिन्न वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
सितंबर से अक्टूबर तक गतिविधियों की संभावना
सितंबर से अक्टूबर तक जारी रह सकती है हलचल
दोनों अभ्यासों के समय के निकट होने के कारण पाकिस्तान सीमा के आसपास लंबे समय तक लड़ाकू विमानों की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। भारतीय वायुसेना के लिए यह अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में अपनी तैयारी, तैनाती और संचालन प्रक्रियाओं का परीक्षण करने का एक अवसर होगा। विशेष रूप से आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त अभियानों में तालमेल की जांच की जा सकेगी। यही कारण है कि दोनों देशों की सेनाएं इस अवधि के दौरान करीबी नजर रखेंगी।