भारतीय शेयर बाजार का अगला हफ्ता: नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी दिशा
भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण सप्ताह
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इस दौरान वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के परिणाम, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियाँ, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के अपडेट से बाजार का रुख निर्धारित होगा।
अगले सप्ताह से नतीजों का सीजन शुरू होगा, जिसमें 9 जुलाई को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) द्वारा वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के परिणाम जारी किए जाएंगे। यह तिमाही परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक होगी।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और कच्चे तेल की कीमतें अगले सप्ताह बाजार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वर्तमान में, अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता के कारण हॉर्मज स्ट्रेट खुला हुआ है, जिससे कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बना हुआ है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) अगले सप्ताह बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पिछले सप्ताह, उन्होंने लगभग 4,000 करोड़ रुपए की बिकवाली की, लेकिन शुक्रवार के कारोबारी सत्र में उन्होंने 1,355.33 करोड़ रुपए का निवेश किया।
29 जून से 3 जुलाई तक का कारोबारी सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए लाभकारी रहा। इस दौरान सेंसेक्स 663.44 अंक या 0.86 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 77,763.91 पर और निफ्टी 214.85 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,270.85 पर बंद हुआ।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 394.80 अंक या 0.64 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 62,190.30 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 384.75 अंक या 2.05 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,175.10 पर था।
इस दौरान सूचकांकों में सबसे अधिक तेजी निफ्टी रियल्टी (7.81 प्रतिशत) और निफ्टी फार्मा (3.11 प्रतिशत) में देखी गई। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर (2.99 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.89 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.37 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (1.23 प्रतिशत) और निफ्टी सर्विसेज (1.23 प्रतिशत) के सूचकांक में भी वृद्धि हुई।
वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक (2.65 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.16 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.38 प्रतिशत) में गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।