भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, अमेरिकी टैरिफ का असर
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
दो दिन में 1550 अंक से ज्यादा गिरावट, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए हुए सवाह
भारतीय शेयर बाजार पर अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। सरकार ने प्रयास किए हैं कि टैरिफ दरों का बाजार पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े, लेकिन अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू करने के बाद से बाजार में गिरावट जारी है। पिछले दो दिनों में सेंसेक्स में 1550 अंक से अधिक की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों को लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
गुरुवार का बाजार प्रदर्शन
गुरुवार को भी शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। बीएसई सेंसेक्स 705.97 अंक यानी 0.87% की गिरावट के साथ 80,080.57 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 211.15 अंक यानी 0.85% गिरकर 24,500.90 अंक पर आ गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार को सेंसेक्स में 850 अंक की गिरावट आई थी, जबकि बुधवार को गणेश चतुर्थी के कारण बाजार बंद रहा।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
सेंसेक्स में एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, बीईएल, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई। दूसरी ओर, ईटरनल, एचयूएल, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, टाइटन और एलएंडटी के शेयरों में तेजी देखी गई। इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 4.5% से अधिक की गिरावट आई है।
प्रभावित सेक्टर
अमेरिका में भारतीय सामान पर 25% अतिरिक्त टैरिफ बुधवार से लागू हो गया है। इससे टैक्सटाइल्स, जेम्स एंड जूलरी, कारपेट, फर्नीचर और झींगा उद्योग पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट आई है।