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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को लगभग 12 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों में गिरावट के कारण निफ्टी और सेंसेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक की कमी आई। सभी सेक्टरों में गिरावट देखी गई, जिसमें निफ्टी ऑटो और रियल्टी सबसे प्रभावित रहे। इस गिरावट ने बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण को भी प्रभावित किया। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
 

शेयर बाजार में गिरावट का कारण

मुंबई - लगातार तीन सत्रों की तेजी के बाद, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों में भारी नुकसान के कारण, घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने के निर्णय ने भी बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला।


सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 3.26 प्रतिशत या 2496.89 अंक गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 3.26 प्रतिशत या 775.65 अंकों की गिरावट के साथ 23,002.15 पर बंद हुआ। इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स ने 74,750.92 पर खुलकर 2,753 अंक या 3.6 प्रतिशत गिरकर 73,950.95 के निम्नतम स्तर को छुआ। वहीं, निफ्टी 23,197.75 पर खुलकर 847 अंक या 3.5 प्रतिशत गिरकर 22,930.35 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।


सेक्टरों में गिरावट

इस दौरान, सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी ऑटो में 4.25 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी रियल्टी में 3.81 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 3.78 प्रतिशत, और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी में 3.31 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 3.24 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी एफएमसीजी में भी 2.53 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।


निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

गुरुवार को निफ्टी50 में ओएनजीसी को छोड़कर, जिसमें 1.55 प्रतिशत की तेजी आई, अन्य सभी शेयरों में गिरावट आई। श्रीराम फाइनेंस (6.71 प्रतिशत की गिरावट), इटरनल (5.38 प्रतिशत की गिरावट) और एचडीएफसी बैंक (5.11 प्रतिशत की गिरावट) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। इसके अलावा, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, टीएमपीवी, इंडिगो, ग्रासिम, ट्रेंट और बजाज-ऑटो के शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई।


मार्केट कैप में कमी

सेंसेक्स में आई इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 12 लाख करोड़ रुपए की कमी आई, जिससे यह पहले के 438 लाख करोड़ रुपए से घटकर लगभग 426 लाख करोड़ रुपए हो गया।