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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1900 अंक से अधिक गिरा

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स 1,942.22 अंक गिरकर 74,750.92 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 580 अंक की गिरावट के साथ 23,197.75 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को माना जा रहा है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है। जानें इस गिरावट के पीछे के अन्य कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

शेयर बाजार में गिरावट का कारण

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार की शुरुआत में बड़ी गिरावट का सामना किया। इस दौरान सेंसेक्स में 1,942.22 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमी आई, जिससे यह 74,750.92 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 580 अंक या 2.4 प्रतिशत गिरकर 23,197.75 पर आ गया। सभी प्रमुख सेक्टरों में गिरावट देखी गई, जिसमें रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल शामिल हैं।


लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का सामना करना पड़ा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,194.40 अंक या 2.12 प्रतिशत की कमी के साथ 55,095.45 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 15,930.95 पर पहुंच गया।


सेंसेक्स में 30 में से 28 शेयर लाल निशान में थे। एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और इंडिगो जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट आई। केवल एनटीपीसी और पावर ग्रिड ने हरे निशान में कारोबार किया।


बाजार में गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को माना जा रहा है। अमेरिका और इजराइल ने हाल ही में दक्षिणी ईरान में एयरस्ट्राइक की, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है।


ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का माहौल है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल में गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जहां डाओ 1.63 प्रतिशत और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत गिरा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,714.35 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपए का निवेश किया।