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भारतीय शेयर बाजार में मजबूती, सेंसेक्स 78,000 के पार

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ शुरुआत की, जिसमें सेंसेक्स 78,152.34 पर और निफ्टी 24,375.65 पर खुला। आईटी शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि अधिकांश एशियाई बाजार भी हरे निशान में थे। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता ने बाजार को मजबूती प्रदान की है। जानें और क्या है इस तेजी के पीछे के कारण।
 

शेयर बाजार की शुरुआत

मुंबई : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। इस दिन सेंसेक्स 650.22 अंक या 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,152.34 पर और निफ्टी 199.95 अंक या 0.83 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24,375.65 पर खुला।


आईटी शेयरों का योगदान

शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का मुख्य कारण आईटी शेयरों में आई मजबूती थी। निफ्टी आईटी लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके अलावा, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज भी हरे निशान में रहे। हालांकि, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी लाल निशान में थे।


सेंसेक्स पैक में गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, बीईएल, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, इटरनल और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर गेनर्स रहे। वहीं, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, एमएंडएम और एनटीपीसी लूजर्स में शामिल थे।


एशियाई बाजारों का प्रदर्शन

ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को मिलेजुले बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स 1.14 प्रतिशत की मजबूती के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।


बाजार की स्थिरता के कारक

विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण कोरियाई बाजारों में कमजोरी और चिप से जुड़े शेयरों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी ने भी बाजार को सहारा दिया है। हालांकि, यह तेजी तब तक स्थायी नहीं रहेगी जब तक इसे बुनियादी कारकों का समर्थन न मिले। कच्चे तेल की कीमतों का युद्ध-पूर्व स्तर पर आ जाना अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


विदेशी और घरेलू निवेश

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 311.82 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,784.40 करोड़ रुपए का निवेश किया।