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भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन बढ़त, निफ्टी और सेंसेक्स में मजबूती

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार चौथे दिन बढ़त हासिल की, जिसमें निफ्टी और सेंसेक्स में क्रमशः 0.40% और 0.45% की वृद्धि हुई। बाजार में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और पीएसयू बैंक के शेयरों का योगदान रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते से वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रुपया भी मजबूत बना हुआ है। जानें निफ्टी और सेंसेक्स की ताजा स्थिति और भविष्य की संभावनाएं।
 

बाजार की स्थिति


बुधवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन, भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त हासिल की। इस दौरान, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और पीएसयू बैंक के शेयरों के चलते निफ्टी50 और सेंसेक्स में 0.40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।


बाजार बंद होने पर, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 347.14 अंकों की बढ़त के साथ 77,155.62 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 96.55 अंक या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 24,085.70 पर बंद हुआ।


सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 76,808.48 से 271.61 अंक की बढ़त के साथ 77,080.09 पर शुरुआत की और दिन के दौरान 77,218.99 का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी 50 ने 23,989.15 से 55.35 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,044.50 पर खुला और 24,108.20 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंचा।


व्यापक बाजार ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.79 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।


सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरवार प्रदर्शन में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मेटल ने 1-2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की। इसके अलावा, निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑयल एंड गैस शेयरों में भी तेजी आई। हालांकि, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में क्रमशः 0.62 प्रतिशत, 0.43 प्रतिशत और 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई।


निफ्टी 50 में, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एसबीआई लाइफ, एटर्नल, एचडीएफसी लाइफ और टाटा स्टील सबसे अधिक लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, सिप्ला, बजाज फिनसर्व, ओएनजीसी और एक्सिस बैंक के शेयर नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।


वैश्विक बाजार का प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की योजना ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और ऊर्जा कीमतों में गिरावट से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।


विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार को उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन भविष्य की नीति के संकेतों पर ध्यान रहेगा। एशियाई बाजारों में भी हालिया तेजी जारी है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं।


निवेशकों का भरोसा

एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि निवेशकों के बढ़ते भरोसे का असर बाजार की अस्थिरता पर भी दिखाई दिया। इंडिया वीआईएक्स तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो निकट भविष्य में अनिश्चितता और जोखिम की भावना में कमी का संकेत देता है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं और 74-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रही हैं। घरेलू वायदा बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें 7,100-7,200 रुपए के आसपास स्थिर बनी हुई हैं। यह गिरावट भारत के लिए राहत भरी है, क्योंकि इससे आयात बिल कम होने, महंगाई पर नियंत्रण और समग्र आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना बढ़ती है।


भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी 50 ने अपनी रिकवरी को आगे बढ़ाते हुए मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया और महत्वपूर्ण 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा। तकनीकी दृष्टि से, 24,100 से 24,200 का दायरा निकटतम रेजिस्टेंस क्षेत्र बनकर उभरा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो तेजी और मजबूत हो सकती है।


हालांकि, यदि निफ्टी 23,900 के नीचे गिरता है, तो हल्की मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया की प्रगति पर रहेगा।