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भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे दिन तेजी दिखाई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 76,704.13 पर और निफ्टी 23,777.80 पर बंद हुआ। आईटी और रियल्टी शेयरों ने बाजार को समर्थन दिया, जबकि व्यापक बाजारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। जानें किस सेक्टर ने सबसे ज्यादा लाभ कमाया और कौन से शेयर नुकसान में रहे।
 

बुधवार को बाजार का प्रदर्शन

बुधवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन, भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे सत्र में तेजी दिखाई और हरे निशान में बंद हुआ। आईटी और रियल्टी शेयरों के समर्थन से प्रमुख बेंचमार्क दिन के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचे।


इस दिन, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.83 प्रतिशत या 633.29 अंक की बढ़त के साथ 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी50 ने भी 0.83 प्रतिशत या 196.65 अंक की वृद्धि के साथ 23,777.80 पर समापन किया।


दिन के कारोबार में, सेंसेक्स ने 76,367.55 पर खुलकर 77,000.22 के उच्चतम स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी ने 23,632.90 पर खुलकर 23,862.25 का उच्चतम स्तर प्राप्त किया।


बुधवार के सत्र में समग्र बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी मिडकैप में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत की वृद्धि हुई।


सेक्टरवार प्रदर्शन में, निफ्टी मीडिया (3.35 प्रतिशत की वृद्धि), निफ्टी आईटी (2.78 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी रियल्टी (2.75 प्रतिशत की बढ़त) सबसे अधिक लाभ कमाने वाले इंडेक्स रहे। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 1.92 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.79 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। हालांकि, निफ्टी एफएमसीजी में मामूली गिरावट आई।


निफ्टी50 में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई। वहीं, सिप्ला, एचयूएल, कोल इंडिया, एनटीपीसी, सनफार्मा, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और हिंडाल्को के शेयरों ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला।


सेंसेक्स में आई इस तेजी के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में लगभग 5 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि हुई, जिससे यह पहले के 433 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 438 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया।