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भारतीय सेना ने LOC पर आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया

भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। गुरेज सेक्टर में दो आतंकवादियों को मार गिराने के बाद, सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी, और सेना ने इस ऑपरेशन में आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
 

भारतीय सेना की सतर्कता

भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक बार फिर से अपनी सतर्कता का परिचय देते हुए आतंकवादियों की घुसपैठ की योजना को विफल कर दिया है। गुरुवार को बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर के नौशहरा नारद क्षेत्र में, सेना ने दो आतंकवादियों को मार गिराया, जो भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे थे।


घटना के बाद, सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया, ताकि किसी अन्य संदिग्ध की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।


सेना की चिनार कोर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाते ही सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई। गुरेज सेक्टर में तैनात सैनिकों ने एलओसी पर हलचल देखी और जब घुसपैठियों को चुनौती दी गई, तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकवादी मारे गए।


भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “संयुक्त अभियान में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया गया है। दो आतंकवादी मारे गए हैं और तलाशी अभियान अब भी जारी है।”


सेना और स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान में आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड का भी उपयोग किया जा रहा है। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यह प्रयास एक बड़े घुसपैठ मिशन का हिस्सा हो सकता था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।


इससे पहले भी, अगस्त की शुरुआत में बांदीपोरा जिले के अखल वन क्षेत्र में एक बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान में तीन आतंकियों को ढेर किया गया था। उस अभियान में एक भारतीय सैनिक भी घायल हुआ था। ऑपरेशन ‘अखल’ के तहत अब तक कुल छह आतंकवादी मारे जा चुके हैं।