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भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों की अफवाहों का खंडन किया

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में 'लाइन ऑफ कंट्रोल' के पास आतंकवादी गतिविधियों की बढ़ती अफवाहों का खंडन किया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट से फैलाई जा रही है। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी दावे पर विश्वास न करें। जानें इस मामले में सेना का क्या कहना है और किस प्रकार की झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।
 

सेना का स्पष्ट बयान

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर में 'लाइन ऑफ कंट्रोल' (एलओसी) के निकट आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित चल रही अफवाहों का खंडन किया है। सेना ने बताया कि यह जानकारी एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट से फैलाई जा रही है। इसके साथ ही, सेना ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी दावे पर विश्वास न करें और न ही उन्हें साझा करें।


सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें

सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि एलओसी के पास आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। इसमें यह भी कहा गया कि भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में स्थित बड़े सैन्य ठिकानों के आसपास रहने वाले लोगों को अपने घर खाली करने के लिए कहा है। हालांकि, भारतीय सेना ने अपने 'फैक्ट चेक' में इन दावों को गलत बताया है।


सेना का फैक्ट चेक

सेना ने एलओसी के पास आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के दावों को सिरे से खारिज किया है। इसके अलावा, कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में प्रमुख सैन्य छावनियों के पास रहने वालों को घर खाली करने के आदेश देने की बात को भी गलत बताया है।


प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश

भारतीय सेना के आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "'कश्मीर इंटेल' नाम का अकाउंट झूठी खबरें फैला रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 'लाइन ऑफ कंट्रोल' (एलओसी) के पास आतंकवादी गतिविधियां बढ़ गई हैं। ये दावे उन खबरों से जुड़े हैं, जिनमें कहा गया है कि भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में बड़े सैन्य ठिकानों के पास रहने वालों से अपने घर खाली करने को कहा है।"


सत्यापन का आग्रह

सेना ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे ऐसी रिपोर्टों को साझा करने या फैलाने से पहले जानकारी की पुष्टि करें।