भारतीय सेना प्रमुख का बड़ा बयान: ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार
सेना प्रमुख का आक्रामक बयान
नई दिल्ली: भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के संदर्भ में एक बार फिर से एक महत्वपूर्ण और आक्रामक बयान दिया है, जिससे दुश्मन देशों में हलचल मच गई है। उन्होंने सीमा पार के आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने जो आक्रामक सैन्य रणनीति अपनाई थी, वह अभी भी पूरी तरह से सक्रिय है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' के लिए पूरी तरह से तैयार है और सेना किसी भी समय फिर से कार्रवाई करने के लिए तत्पर है।
ऑपरेशन सिंदूर की निरंतरता
जनरल द्विवेदी ने एक निजी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह अभी भी जारी है। उन्होंने वर्तमान स्थिति को अस्थायी युद्ध विराम के रूप में देखा, न कि स्थायी शांति के रूप में। उन्होंने बिना पाकिस्तान का नाम लिए चेतावनी दी कि अगर आवश्यकता पड़ी, तो भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना एक साथ मिलकर एक नए और विनाशकारी सैन्य अभियान के लिए तैयार हैं।
तीनों सेनाओं का तालमेल
सेना प्रमुख ने आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप और भारतीय सेनाओं की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि तीनों सेनाएं 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' के लिए गुप्त और प्रभावी तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश की सुरक्षा के लिए फिर से कार्रवाई की आवश्यकता पड़ी, तो हमारी तैयारियां और भी अधिक प्रभावी होंगी।
सूचना युद्ध का महत्व
जनरल द्विवेदी ने सूचना युद्ध के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता, बल्कि सूचना का युद्ध भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह तभी सफल होता है जब पूरा देश एकजुट होकर एक साझा नैरेटिव के पीछे खड़ा होता है।
ऑपरेशन सिंदूर का इतिहास
'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सैन्य इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने पाकिस्तान को उसकी सीमाओं का एहसास कराया। यह अभियान 7-8 मई 2025 को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ शुरू किया गया था, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में था। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। जनरल द्विवेदी के बयान से स्पष्ट है कि 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' इससे भी अधिक विनाशकारी होगा।