×

भारतीय सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी, ऑपरेशन सिंदूर जारी

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को एक बार फिर चेतावनी दी है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं और 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें से 65 फीसदी पाकिस्तानी थे। जनरल द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के विकास और आतंकवाद के खिलाफ सेना की कार्रवाई पर भी प्रकाश डाला। उनकी वार्ता में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भविष्य की चुनौतियों का भी जिक्र किया गया।
 

भारतीय सेना प्रमुख की चेतावनी

नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी चल रहा है और भविष्य में पाकिस्तान की किसी भी दुस्साहस का उचित जवाब दिया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिनमें से 6 नियंत्रण रेखा के पास और 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट हैं। यदि उन्होंने कुछ भी किया, तो हम त्वरित कार्रवाई करेंगे। दिल्ली में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल द्विवेदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिए गए निर्णयों और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर विस्तार से चर्चा की।


ऑपरेशन सिंदूर की सफलता

‘हमने 9 में से 7 ठिकानों को किया पूरी तरह से नष्ट’

जनरल द्विवेदी ने बताया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया कि निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, जो आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हमलों के रूप में चला। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद उच्च स्तर पर स्पष्ट निर्णय लिया गया कि ठोस जवाब दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर को बहुत सटीकता से लागू किया गया। 7 मई को प्रारंभ के 22 मिनट में और फिर 10 मई तक कुल 88 घंटों की कार्रवाई में हमने गहराई से हमला कर आतंक के ढांचे को तोड़ा और पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भी नष्ट किया। हमने 9 में से 7 ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।


भविष्य की चुनौतियाँ

जनरल द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सेना प्रमुख ने सभी संबंधित विभागों जैसे CAPF, खुफिया एजेंसियों, नागरिक प्रशासन, गृह मंत्रालय, रेलवे आदि की सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने 2025 में दुनिया भर में बढ़ते सशस्त्र संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि तैयार रहने वाले राष्ट्र ही युद्ध में जीतते हैं। उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तैयारियों, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को प्रदर्शित किया है। प्रधानमंत्री के जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन (JAI) के नारे के तहत कई कदम उठाए गए हैं। 2025 में हुई प्रगति से हमें संतोष है।


आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई

2025 में 31 आतंकियों को ढेर किया गया, 65 फीसदी पाकिस्तानी मूल के

सेना प्रमुख ने कहा कि उत्तरी सीमा (LAC) पर स्थिति स्थिर है लेकिन सतर्कता आवश्यक है। उच्च स्तरीय बातचीत और विश्वास बढ़ाने के उपायों से स्थिति सामान्य हो रही है। यहां घास चराई, हाइड्रोथेरेपी कैंप जैसी गतिविधियां फिर से शुरू हुई हैं। हमारी तैनाती मजबूत और संतुलित है। पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में है। 2025 में 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें 65 फीसदी पाकिस्तानी मूल के थे। पहलगाम हमले के तीनों आतंकियों को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया। अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या एकल अंक में है। आतंकवादियों की भर्ती लगभग समाप्त हो गई है और 2025 में केवल 2 भर्तियां हुईं।


जम्मू-कश्मीर में विकास

‘आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव दिख रहा है’

जनरल द्विवेदी ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य तेज हुए हैं, पर्यटन लौट आया है और अमरनाथ यात्रा में 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए, जो पिछले 5 वर्षों के औसत से अधिक है। आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव दिख रहा है। उत्तर-पूर्व में सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई और सरकार की पहलों से मणिपुर में सुधार हुआ है। म्यांमार में अस्थिरता से उत्तर-पूर्व को बचाने के लिए असम राइफल्स, सेना और गृह मंत्रालय की बहु-एजेंसी ग्रिड काम कर रही है। म्यांमार में चरण-2 चुनाव सफल होने से अब बेहतर सहयोग संभव है। प्राकृतिक आपदा राहत (HADR) में सेना ने दो पड़ोसी देशों और 10 राज्यों में काम किया और 30,000 से ज्यादा लोगों को बचाया।


ड्रोन गतिविधियों पर नजर

‘पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन्स को लेकर उसे बोला गया’

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि न्यूक्लियर बयानबाजी के संदर्भ में, मैं कहना चाहूंगा कि DGMO बातचीत में न्यूक्लियर पर कोई चर्चा नहीं हुई। जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी हुई, वह पाकिस्तान के नेताओं या वहां की आम जनता ने की। मेरे पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सेना की तरफ से ऐसा कुछ कहा गया हो। उन 88 घंटों में, सेना की तैनाती ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम जमीनी ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। पाकिस्तान से आज DGMO स्तर की बात हुई, और पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन्स को लेकर उसे बोला गया। भारतीय सेना मिसाइल और रॉकेट फोर्स तैयार कर रही है।