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भुजंगासन: सही तरीके से करें योग, जानें आम गलतियां और लाभ

विश्व योग दिवस के नजदीक, भुजंगासन के सही तरीके और इसके लाभों के बारे में जानें। आयुष मंत्रालय ने इस आसन के दौरान की जाने वाली सामान्य गलतियों पर प्रकाश डाला है, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सही तकनीक से योग का पूरा लाभ उठाने के लिए आवश्यक सावधानियों के साथ इस आसन का अभ्यास करें। जानें कि कैसे भुजंगासन आपकी कमर और पीठ को मजबूत बना सकता है।
 

योगासन की बढ़ती लोकप्रियता

नई दिल्ली: विश्व योग दिवस के नजदीक आते ही लोग योगासन सीखने के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। इस संदर्भ में, भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना योगासनों के लाभ और सही अभ्यास की जानकारी साझा कर रहा है। हाल ही में, मंत्रालय ने भुजंगासन के सही तरीके के बारे में जानकारी दी है।


भुजंगासन के लाभ

यह आसन कमर, पीठ और कंधों को मजबूत बनाने में सहायक है, लेकिन यदि इसे गलत तरीके से किया जाए तो यह कमर दर्द का कारण बन सकता है। भुजंगासन, जिसे कोबरा पोज भी कहा जाता है, में शरीर का ऊपरी हिस्सा ऊपर उठता है जबकि निचला हिस्सा जमीन पर रहता है।


सामान्य गलतियां

आयुष मंत्रालय के अनुसार, कई लोग भुजंगासन करते समय छोटी-छोटी गलतियां कर लेते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आम गलतियों में कोहनियों का बाहर फैलाना, कंधों को कानों की ओर चढ़ाना, नितंबों को अधिक कसना, कमर को अत्यधिक मोड़ना और एड़ियों का बाहर फैलाना शामिल हैं। ये गलतियां गर्दन, कमर और कंधों पर दबाव डालती हैं, जिससे चोट लगने या पुरानी समस्याओं के बढ़ने का खतरा रहता है।


सही तरीके से भुजंगासन कैसे करें

भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटें। पैर सीधे रखें और पंजों को पीछे की ओर फैलाएं। हथेलियों को छाती के दोनों तरफ जमीन पर रखें। अब सांस लेते हुए धीरे-धीरे छाती, गर्दन और सिर को ऊपर उठाएं। सही मुद्रा के लिए गर्दन को रीढ़ की हड्डी की सीध में रखें, दृष्टि सामने रखें और छाती को आगे और ऊपर की ओर उठाएं। कंधों को नीचे और पीछे की ओर खींचें। इस दौरान कोहनियां शरीर की ओर और ऊपर की ओर रखें।


भुजंगासन के फायदे

आसन करते समय सांस को सामान्य रखें। शुरुआती लोग 10-15 सेकंड तक आसन में रह सकते हैं, और धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं। सही तरीके से भुजंगासन करने से कमर मजबूत होती है, पीठ की मांसपेशियां लचीली बनती हैं, पाचन तंत्र में सुधार होता है और मुद्रा में सुधार होता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है।


सावधानियां

आयुष मंत्रालय का कहना है कि योग का पूरा लाभ सही तकनीक से ही मिलता है। यदि कमर, गर्दन या कलाई में दर्द हो तो यह आसन न करें। गर्भवती महिलाएं इसे डॉक्टर की सलाह से ही करें और शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास करें।