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मंडी में 152 करोड़ रुपये की लागत से न्यायालय परिसर का शिलान्यास

मंडी में 152 करोड़ रुपये की लागत से ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया गया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस अवसर पर न्यायिक व्यवस्था को अस्पतालों की तर्ज पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात की। यह कॉम्प्लेक्स 9.6 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा, जिसमें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस कार्यक्रम में कई न्यायाधीश और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
 

मंडी ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

152 करोड़ रुपये की लागत से मंडी ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास


मंडी: न्यायिक परिसरों को अस्पतालों की तरह कार्य करने की आवश्यकता है। लोग न्यायालय में राहत की उम्मीद लेकर आते हैं। यह बात रविवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में मंडी ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास करते हुए कही। उन्होंने बताया कि यह कॉम्प्लेक्स 152 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। उन्होंने कहा कि जैसे अस्पतालों में सेवाएं दी जाती हैं, उसी प्रकार न्यायिक व्यवस्था को भी कार्य करना चाहिए। मंडी को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है और यहां लोग श्रद्धा के साथ आते हैं। आज यहां न्याय के मंदिर की स्थापना हो रही है, जो जल्द ही तैयार होगा।


जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज का कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों की भी बात की, जो संविधान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की और कहा कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन छोटे स्तर पर भी होने चाहिए ताकि मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ सके। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उनका प्रेम उन्हें फिर से हिमाचल प्रदेश लेकर आया है। यह अत्याधुनिक कोर्ट 9.6 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा, जिसमें चार ब्लॉक होंगे और जजों, वकीलों और आम लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर कई न्यायाधीश, राजनीतिक सलाहकार, एडवोकेट जनरल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।