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मंडी में तेंदुए का आतंक: ग्रामीणों में दहशत, 40 से अधिक पशुओं का शिकार

मंडी जिले में तेंदुए के हमले ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। तेंदुआ रात के समय पशुशाला में घुसकर छह भेड़ों को मार चुका है। स्थानीय लोग चिंतित हैं क्योंकि तेंदुआ अब तक 40 से अधिक पशुओं का शिकार कर चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

मंडी में तेंदुए का आतंक


मंडी, हिमाचल प्रदेश: मंडी जिले में तेंदुए के हमले ने स्थानीय निवासियों को चिंतित कर दिया है। रात के समय, तेंदुआ एक पशुशाला की छत को तोड़कर अंदर घुस गया और छह भेड़ों को मार डाला। इस घटना के बाद रोपड़ू गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह तेंदुआ अब तक 40 से अधिक पशुओं का शिकार कर चुका है। यदि इसे जल्द नहीं पकड़ा गया, तो मानव जीवन को भी खतरा हो सकता है। तेंदुए के आतंक के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं.


तेंदुआ पशुशाला में घुसा

रोपड़ू गांव में तेंदुए ने रोशन लाल की पशुशाला को निशाना बनाया। रात के समय, तेंदुआ स्लेट की छत को तोड़कर अंदर घुस गया। उस समय पशुशाला में आठ भेड़ें बंधी हुई थीं, जिनमें से छह भेड़ों पर तेंदुए ने हमला किया। इस हमले में दो छोटे मेमने किसी तरह बच गए। इस घटना से रोशन लाल को लगभग 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ। घटना की जानकारी मिलने के बाद पंचायत प्रधान मथरा देवी और पशु औषधालय के प्रभारी अभय कुमार मौके पर पहुंचे और मृत भेड़ों की जांच की। वन विभाग ने भी तेंदुए के हमले की पुष्टि की है।


तेंदुए के हमलों की संख्या

ग्रामीणों के अनुसार, यह तेंदुआ पहले भी कई पशुओं पर हमला कर चुका है। उनका दावा है कि अब तक 40 से अधिक पशु इसके हमले में मारे जा चुके हैं। लगातार हो रहे हमलों से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें अपने पशुओं की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। तेंदुए के गांव के आसपास घूमने से ग्रामीणों को इंसानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता हो रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।


पिंजरा लगाने की मांग

लगातार हो रहे हमलों के बाद, ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द पिंजरा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल, ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।